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लोकपाल बी के शर्मा ने पंचायत समिति अलसीसर की ग्राम पंचायत महनसर में ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों की जांच की। लोकपाल को ग्राम पंचायत की अव्यवस्थित कार्यप्रणाली एवं गम्भीर अनियमितताओं पर ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत महनसर में विगत चार वर्षो से पाक्षिक ग्राम सभा एवं अर्धवार्षिक सामाजिक अंकेक्षण सभा में ग्रामीणों एवं वार्ड पंचों को नहीं बुलाया गया, बिना कोरम पूरा किए ही प्रस्ताव पारित किए जाते हैं। इस पर लोकपाल ने पंचायत अधिकारी एवं कार्मिकों को ग्रामीणों के सामने ही निर्देशित किया कि ग्रामीणों की सहभागिता तथा कार्य में पारदर्शिता आवश्यक है। पंचायतकर्मी कनिष्ठ सहायक सुनिता ने बताया कि सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं रजिस्टर पर सरपंच के हस्ताक्षर उनके घर जाकर करवाते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि आधे-अधूरे एवं बिना करवाए गए विकास कार्यों को कागजों में ही पूर्ण दर्शाया गया है, जमीनी हकीकत कुछ और है। इस पर लोकपाल शर्मा ने संज्ञान लेते हुए कनिष्ठ तकनीकी सहायक राजीव सैनी को निर्देश दिए कि वे मौके पर जाकर शंकरलाल मास्टर के घर से अमीन खां के घर तक की इन्टरलोकिंग सड़क निर्माण की माप लेकर तुरंत रिपोर्ट दें। तकनीकी सहायक द्वारा माप की आनाकानी करने पर लोकपाल ने फटकार लगाई एवं स्वयं की मौजूदगी में ग्रामीणों के समक्ष तकनीकी सहायक से माप करवाई, जिसमें रिपोर्ट की गई कि किया गया कार्य 84 वर्ग मीटर ही है व अन्य कार्य बाकी है जिसकी माप 191.70 वर्ग मीटर है, जबकि पंचायत द्वारा कार्य पूर्ण बताया गया व व्यय 5.04 लाख रूपए बताया गया। मेजरमेन्ट बुक मांगने पर उपलब्ध नहीं करवाई गई। मामले की गंम्भीरता को देखते हुए लोकपाल ने ग्राम पंचायत अधिकारी को अद्यतन सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
