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जिला कलक्टर रवि जैन ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों को अपने अधिकारों एवं शक्तियों को पहचानना होगा। उनको सरकार की महिला सशक्तीकरण संबंधी योजनाओं एवं क्राईम को रोकने के लिए जरूरी जानकारी रखनी होगी, तभी अपराध को रोका जा सकता है। जैन बुधवार को सदर थाना के पास स्थित परिसर में आयोजित हुए सशक्त नारी अभियान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नारी को वस्तु ना समझा जाए, आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान बनायें व पुरानी सोच को बदलें क्योकि सोच और शिक्षा के स्तर में विकास होगा तभी अपराधों पर अंकुश लग पायेगा। उन्होंने इस अभियान के बारे में बताते हुये कहा कि यह जरूरी और अनूठा अभियान है जो पुलिस अधीक्षक गौरव यादव की सोच का परिणाम है जिससे जिले में अपराध का ग्राफ कम हो सकेगा। पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने कहा कि शिक्षा और बेटियों के सम्मान के लिये पहचाने जाने वाले इस जिले में अपराध पर अंकुश लगाना ही इस अभियान का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि महिलाएं एवं बच्चियां उनके साथ या उनके आसपास तथा परिचितों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठायें। वे अपनी परेशानी पुलिस, प्रशासन या किसी सरकारी अधिकारी से शेयर करें, ताकि उस परेशानी का हल निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि झुंझुनू जिला बेहतर और सुरक्षित बने, इसके लिए समन्वित प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मधु हिसारिया ने कहा कि पुलिस एवं जिला प्रशासन के साथ न्यायपालिका भी महिलाओं और बच्चियों के मान-सम्मान की रक्षा के लिए हर समय तैयार रहती है। समारोह को महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक विप्लव न्यौला, जिला परिषद सदस्य प्यारेलाल ढूकिया, सहायक निदेशक राजेन्द्र पुरोहित, पितराम काला, विमला बुडानियां ने भी सम्बोधित किया। समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेश कुमार मीना, जिला शिक्षा अधिकारी अमर सिंह पचार, सहायक निदेशक बाबूलाल रैगर, श्रम कल्याण अधिकारी अरूणा शर्मा, पवन कुमार वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, महिलाएं एवं स्कूली बच्चियां उपस्थित थीं। समारोह का संचालन सत्यवीर झाझड़िया ने किया।
