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ऑपरेशन सिंदूर की गाथा होगी शामिल
लखावत ने बताया कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के विरुद्ध भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वीरगाथा को अब इस स्मारक में ऑडियो-वीडियो माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
झुंझुनूं के शहीदों को समर्पित अलग गैलरी
झुंझुनूं जिले के शहीद जवानों की अलग गैलरी बनाई जाएगी, जिसमें स्थानीय वीरों की जीवनगाथा और पराक्रम को सम्मानपूर्वक दर्शाया जाएगा। यह पहल झुंझुनूं को सैन्य सम्मान के एक केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
स्मारक में होंगे ये खास बदलाव:
- स्मारक परिसर में शौर्य स्तंभ बनेगा, जिस पर शहीदों के नाम अंकित होंगे।
- सेना के टैंक भी प्रदर्शनी के रूप में लाए जाएंगे। इसके लिए जिला कलक्टर सैन्य अधिकारियों से संपर्क करेंगे।
- ऑडियो-विजुअल प्रजेंटेशन से शौर्यगाथाएं अब डिजिटल रूप में सुनाई जाएंगी।
- झुंझुनूं जिले में स्मारक तक पहुंचने के लिए संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे।
- मुख्य द्वार को अधिक भव्य व आकर्षक बनाया जाएगा।
सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिकता का मेल
लखावत ने वास्तुकारों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ बैठक कर स्मारक को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्मारक देशभक्ति, इतिहास और प्रेरणा का संगम बनेगा।
निरीक्षण के दौरान रहे ये अधिकारी मौजूद
इस मौके पर झुंझुनूं विधायक राजेन्द्र भांबू, जिला कलक्टर रामावतार मीणा, प्राधिकरण सीईओ रामरतन शर्मा, एसडीएम हवाई सिंह यादव, पर्यटन उपनिदेशक देवेंद्र चौधरी, डीआईपीआर हिमांशु सिंह, व अन्य अधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
