Archive Notice: This article was originally published on 16 अगस्त 2022.
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झुंझुनू, राजस्थान मेघवाल परिषद् के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मपाल गांधी के नेतृत्व में सूरजगढ़ तहसीलदार मांगेराम पूनियां को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन देकर जालौर जिले में अनुसूचित जाति के 9 वर्षीय मासूम छात्र इंद्र मेघवाल की जातीय भेदभाव के चलते निर्मम हत्या करने वाले आरोपी शिक्षक को कड़ी सजा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाते हुए मेघवाल समाज व अन्य समाज के लोगों ने राजस्थान सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। राजस्थान मेघवाल परिषद के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मपाल गांधी व मेघवाल समाज के कार्यकर्ता सुरेंद्र भाटिया ने कहा- देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। आजादी के 75 वर्ष बाद भी दलितों पर अत्याचार निरंतर जारी हैं। जालौर जिले के सायला थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुराणा गांव में शिक्षा के मंदिर में एक शिक्षक के द्वारा अनुसूचित जाति के 9 वर्षीय मासूम बालक की पीट-पीटकर निर्मम हत्या करना सरकार व समाज के सामने कई सवाल खड़े करता है। आखिर मासूम बालक का ऐसा क्या कसूर था, जिसे पीट-पीटकर मार दिया गया। प्रदेशाध्यक्ष कानाराम कांटीवाल के आदेशानुसार राजस्थान के सभी जिलों से मासूम छात्र इन्द्र मेघवाल के हत्यारों को कड़ी सजा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई जा रही है। इसी क्रम में राजस्थान मेघवाल परिषद् झुन्झुनूं महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष पार्वती मेघवाल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई है। परिषद् द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन भेजकर मांग की गई है कि पीड़ित परिवार को पचास लाख रूपये का मुआवजा दिया जाये। परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाये। पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाये। स्कूल की मान्यता रद्द की जाये और आरोपी शिक्षक को फांसी की सजा दी जाये। दलित समाज पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए कठोर कानून बनाया जाये। जालौर जिले में संत रविनाथ को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले राजनेता व अन्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जावे। राज्य में बढ़ रहे जंगलराज और अपराध की ओर ध्यान दिया जावे। राजस्थान मेघवाल परिषद् के द्वारा राजस्थान प्रदेश में ऐलान किया गया है- अगर सरकार हमारी मांगे नहीं मानती है तो हम सभी समाज के लोगों को साथ लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे। एससी/एसटी के प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से दलित समाज पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। दलित समाज के नेताओं को भी विधानसभा में गंभीर अपराध के मुद्दों को जोर शोर से उठाना चाहिये। अगर समाज के नेता विधानसभा में बैठकर अपराध रोकने में नाकाम होते हैं या न्याय दिलाने में विफल होते हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिये। इंद्र मेघवाल को न्याय दिलाने के लिए दलित समाज के अन्य संगठनों ने भी ज्ञापन दिया। मेघवाल समाज के अलावा अन्य समाज के लोगों ने भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाई।
इस मौके पर सुरेन्द्र भाटिया, गजानंद कटारिया, संजय गोयल, मनोहर लाल जांगिड़, आत्माराम मेघवाल, पूर्व पंचायत समिति सदस्य सुरेश कुमार, नत्थूराम लाइनमैन, विजेंद्र काकोडा, धर्मपाल गांधी, राजेंद्र मावर, सज्जन कटारिया, एडवोकेट हवासिंह चौहान, एडवोकेट राजेश चिरानियां, रवि सेवदा, एडवोकेट अजय जडेजा, एडवोकेट मनोज डिग्रवाल, एडवोकेट कृष्णपाल सिंह, लोकेश अगवानिया, मेहरचंद गर्वा, योगेश काकोडा, एडवोकेट भारत भूषण, राहुल जेडिया, अशोक फौजी, पूर्व पंचायत समिति सदस्य बंशीधर मेघवाल, नवीन कुमार, अमित, वेद प्रकाश, अनूप कुमार, रोहित चावरियां, लोकेश अमरोया, मनोज चावरियां, अनुज कुमार, कुलदीप नायक, सुनील कटारिया, रोहित, अंकित, भरत, सुरेश, कालाराम, देवेंद्र आदि अन्य लोग मौजूद रहे।

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