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प्याज की सरकारी दर पर खरीद व रसीदपुरा में प्याज मंडी को शुरू कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले अनिश्चितकालीन महापड़ाव किसानों ने शुरू कर दिया है। किसानों की मांग है कि उन्हें प्याज की फसल की लागत मूल्य भी नहीं मिलता है और प्याज की पैदावार कर किसान कर्ज के बोझ के तले दब रहा है। शेखावाटी में प्याज की फसल बड़े पैमाने पर की जाती है और प्याज राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान में जाता है लेकिन प्याज की भंडारण की व्यवस्था नहीं होने और सरकारी दर पर प्याज की खरीद नहीं होने से किसान कंगाली और कर्जे के तले दबा जा रहा है इसको लेकर आज किसानों ने सीकर के कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव डाल दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक वे कलेक्ट्रेट के सामने महापड़ाव के रूप में बैठे रहेंगे। उन्होंने कहा है कि हम चाहते हैं कि इस आंदोलन के दौरान कोई भी अप्रिय घटना नहीं हो और सरकार हमारी मांगे पूरी करें लेकिन 1 मार्च तक अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो महापड़ाव मे प्रशासन से तनाव की स्थिति भी आ सकती है। पड़ाव मे भारतीय किसान सभा को कई संगठनों ने अपना समर्थन भी दिया है। कई संगठनों ने भारतीय किसान सभा को अपना समर्थन देते हुए कहा कि किसान की मांग जायज है। सरकार उनकी मांगों पर ध्यान दें। महापड़ाव शुरू करने से पहले किसानो का रेला जिले के भडाडर गांव से रवाना हुआ। किसान जहां ट्रैक्टर ट्रॉली में प्याज भर कर लाए हैं और साथ में ही खाना पीने का राशन भी लेकर आए हैं। उन्होंने यह तय कर लिया है कि जब तक सरकार प्याज का समर्थन मूल्य पर खरीद की घोषणा नहीं करेगी तब तक वे यहां से नहीं जायेंगे । शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए जिला कलेक्टर नरेश ठकराल ने जिला कलेक्ट्रेट के आस-पास के एरिया में एरिया मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। कोई अशांति नहीं फैले इसके लिए पुलिस का जाब्ता भी तैनात किया गया है।
