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सोती निवासी झाबरमल चनानिया की पुत्रवधू संतोष देवी एवम् पुत्र महेन्द्रसिंह ने बेटी बचाओ बेटी बचाओ अभियान से प्रभावित होकर अपनी लाडो अभिलाषा को घोड़ी पर बिठाकर बनोरी निकाली। बनोरी को सोती के मुख्य मार्गो से निकाल कर बेटे व बेटी में फर्क ना करने का संदेश दिया गया। अभिलाषा के दादा झाबरमल ने बताया कि हमारे जमाने में तो लड़की को घर से बाहर स्कूल तक नहीं जाने दिया जाता था पर आज पोती को ऐसे घोड़ी पर बैठे देखकर बहुत ख़ुशी महसूस हुई। साथ ही कहा कि आज की बेटी पर हमें गर्व होना चाहिए क्योंकि बेटी हमारी शान होती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
