Archive Notice: This article was originally published on 10 अप्रैल 2018.
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आज  मंगलवार को आरक्षण के विरोध में भारत बंद के आह्वान पर कस्बे का बाजार पूर्णतया बंद रहा। बंद के दौरान बाजार व मंडी के प्रतिष्ठान पूर्णरूप से बंद रहे इस दौरान चाय पान की दुकान सहित रेहड़ी व ठेलेवाले भी बाजार से नदारद मिले। 2 अप्रेल को उच्चतम न्यायालय द्वारा एससी एसटी कानुन में किए गए बदलाव के विरोध में अनुसुचित जाति व जनजाति वर्ग ने भारत बंद करवाया जिसके दौरान कई जगहों पर हिंसक वारदातों को अंजाम दिया गया जिसमें देशभर में करीब 15 लोगों की मौत हो गई व भारी संख्या में सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। मंगलवार को हुए भारत बंद के दौरान जनरल व ओबीसी वर्ग ने बिना किसी संगठन की अपील के व्यपारिक संगठनों से वार्ता कर बंद को अंजाम दिया जिसमें व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद करके आरक्षण का विरोध जताया। इस दौरान किसी भी संगठन ने रैली नही निकाली और ना ही किसी से प्रतिष्ठान बंद करने की अपील की थानाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शांतिपूर्ण तरीके से बंद करवाया। बंद के दौरान पुलिस व प्रशासन पुरी तरह से मुस्तैद नजर आया, कस्बे में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सुचना नही मिली। कस्बे के मुख्य बाजार सहित अनाज मंडी, ड्रोलिया बाजार, चिड़ावा रोड़ स्थित सभी प्रतिष्ठान बंद रहे व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों के आगे ताशपति खेलते नजर आए। सभी के सहयोग से बंद सफल रहा।

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