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बता दे कि इसकी डीपीआर इसी महीने तैयार की जाएगी। डीपीआर से तय होगा कि कहां तक हाईवे को एलिवेटेड व कहां पर भूमिगत किया जाएगा। इस छह लेन का हाईवे के बनने के बाद ख़ास बात यह होगी लगभग 35 किलोमीटर का सफर जो 90 मिनट में तय होता था उसे अब तक़रीबन 25 मिनट में पूरा कर सकेंगें।
अधिक जानकारी के लिए बता दे कि केंद्र सरकार दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर से ट्रैफिक का दबाव को खत्म करना चाहती है। सरकार चाहती है कि बड़े आयोजन दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम में भी आयोजित हो। इसमें एक्सप्रेसवे के ऊपर ट्रैफिक का दबाव सबसे बड़ी बाधा है। आयोजन करने के लिए ट्रैफिक को काफी मैनेज करना पड़ता है।
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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय का मानना है कि इस हाईवे के बनने के बाद दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ही नहीं, बल्कि एम्स से लेकर धौलाकुआं तक की मुख्य सड़क के साथ ही आसपास की सड़कों पर से भी ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा। एनएचएआइ सूत्रों का कहना है कि डीपीआर के लिए जारी टेंडर ओपन कर दिया गया है।
उम्मीद कि जा रही है कि इसका वर्क आर्डर जल्द जारी कर दिया जाएगा। डीपीआर तैयार होते ही निर्माण को लेकर टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसी होने या फिर नवंबर के बीच जमीनी स्तर पर काम शुरू हो, इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
कई इलाकों से जुड़े होने कि वजह से लाखों वाहन चलको को मिलेगा लाभ
बट अड़े कि यह नया हाईवे जहाँ से निकलेगा उसकी कनेक्टिवटी कई अन्य मार्गों से रहेगी। इसके निर्माण के बाअद लाखों वाहन चालकों को सीधा लाभ पहुँचने वाला है। बता दे कि खेड़कीदौला के नजदीक द्वारका एक्सप्रेसवे एवं दिल्ली-जयपुर हाईवे से जुड़ा है। यही नहीं, एसपीआर गुरुग्राम सोहना हाईवे को वाटिका चौक के लिए क्रास करता है। गुरुग्राम सोहना हाईवे गांव अलीपुर के नजदीक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ा है। इस तरह नए हाईवे के निर्माण से फरीदाबाद एवं दिल्ली को तरफ से आने वाले किसी भी इलाके में आसानी से निकल सकेंगे।
