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देशभर में सरकार भूमि और संपत्ति से जुड़े कानून को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने का प्रयास कर रही है और सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है की संपत्ति का हर लेन देन पूरी तरह से वैध हो और न्यायसंगत हो। सरकार ने न्याय संगत भूमि बिक्री के लिए भूमि रजिस्ट्री के नियमों में बदलाव किया है।
अब यदि कोई आदमी अपनी पत्नी के नाम से जमीन खरीद रहा है तो उसे एक विशेष घोषणा पत्र भरना होगा और इस घोषणा में स्पष्ट करना होगा की खरीदी जा रही संपत्ति वास्तव में महिला की है या उसका असली मालिक कोई और होगा।
अक्सर देखा जाता है कि पुरुष महिला के नाम से जमीन खरीद लेते हैं लेकिन उनका कागज पुरुषों के पास होता है और उसे पर अधिकार भी पुरुष ही जताते हैं महिला को जमीन के बारे में कोई जानकारी भी नहीं होती है। केंद्र सरकार का मानना है कि इससे महिला सशक्तिकरण के वास्तविक उद्देश्य को कमजोर किया जा रहा है इसलिए सरकार ने नया नियम बनाया है।
पत्नी के नाम से जमीन खरीदने के नियम में हुआ बदलाव
संशोधित नियम के अनुसार अब भूमि रजिस्टार कार्यालय में पंजीकरण के समय एक विस्तृत घोषणा पत्र आपको भरना होगा। इस दस्तावेज में संपत्ति खरीदने वाले व्यक्ति को स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि यह खरीदी हुई जमीन पूरी तरह से वैध है। आपको यह बताना होगा कि आपके पास जमीन खरीदने के लिए धन कहां से आया और यदि पत्नी के नाम पर संपत्ति ली जा रही है तो उनकी आय का स्रोत और आर्थिक क्षमता की जानकारी भी देनी होगी। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि भविष्य में जांच में पाया जाता है कि महिला केवल कागजों में ही जमीन की मालकिन है और असली स्वामित्व किसी और के पास है तो उसे पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महिला सशक्तिकरण के लिए इस नए नियम को लागू किया गया है।
