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हाथों में लाल निशान और मन में राम भक्त हनुमान का गुणगान। श्रद्धा और भक्ति से अटे मंदिर और दर्शन को प्यासी हजारों आंखे। महज एक झलक से पुलकित होता रोम-रोम और जयघोष से गूंजता आकाश। बावातरण में रस घोलते भजन और भजनों पर झूमते श्रद्धालु। चैत्र शुल्क पूर्णिमा को समूचा शहर हनुमान की भक्ति में सरोबार नजर आया। हनुमान जयंती पर बाबा के भजनों, जयकारों व निशान पदयात्राओं से शहर हनुमान की भक्ति में रमा नजर आया। मंदिरों में हनुमान जयंती की खुशियां छाई रही। इस मौके पर हनुमान की प्रतिमा पर सिंदुर चौला चढ़ा गया। इसके बाद प्रतिमा का शृंगार कर 56 भोग की लगाकर मनुहार की गई। अंजनी सुत के दशनों की एक झलक पाने के लिए पूरे दिन बालाजी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। मंदिरों में भंडारा के आयोजन हुए व भक्तों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर हनुमान जन्मोत्सव की बधाई दी। श्रद्धालुओं की दर्शनों के लिए अल सुबह से ही मंदिरों में भीड़ जुटनी शुरू हो गई। वहीं दिनभर भक्त बालाजी के दर्शनों के लिए जुटे रहे। कई मंदिरों में दिनभर सुंदरकांड किए गए व अखंड रामायण पाठ की संपूर्णता के महाआरती की गई। हनुमान जयंती के मौके पर शहरभर के हनुमान मंदिरों में विशेष सजावट की गई। वहीं उदय सेवा संस्थान ने हिन्दू मुस्लिम एकता व सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर शनिवार को जगह-जगह निशान यात्रा का स्वागत किया। संस्थान के अध्यक्ष डॉ जाकिर बडगुजर ने बताया शहर में सोहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे इसलिए संस्थान के हिन्दू मुस्लिम समाज के कार्यकर्ताओं ने श्री लंकापुरी बालाजी की भव्य शोभायात्रा व निशान यात्रा का जाटिया बाजार, सुभाष चौक, गोपीनाथ मंदिर के पास, फतेहपुरी गेट आदि स्थानों पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
