Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
गर्मी पूरे उफान पर है। लू के थपेड़ों से जनजीवन ठहर सा गया है। सोमवार को गर्म हवाओं का असर देर शाम तक रहा। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आगामी कुछ दिनों में और भयंकर गर्मी के आसार हैं और पारा 46 डिग्री को छू सकता है। फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं है। सोमवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री व न्यूनतम तापमान 31 डिग्री रहा। सोमवार देर शाम इस बार का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तापमान में खासा बदलाव आया है। अलसुबह से ही तापमान 30 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। सुबह नौ बजे तक तापमान 37 डिग्री और दोपहर तक 41 डिग्री तक पहुंच गया। चली लू मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो प्रदेश में चल रही लू का उद्भव देश के थार व पाकिस्तान के बलूचिस्तान से होता है। ये पश्चिमी दिशा से चलते हुए प्रवेश करती हैं। ये पवनें शुष्क और शक्तिशाली होती हैं। उत्तर भारत के सिंधु भाग के मैदानों में मई व जून माह में लू चलती हैं। दिन चढऩे के साथ ही इसकी गति व गर्मी की मात्रा बढ़ जाती है। जब तापमान ज्यादा हो जाता है तो उत्तर भारत के मैदानों पर निम्न वायुदाब का निर्माण होता है और काली आंधी चलती है। इस दौरान कुछ समय के लिए तापमान कम हो जाता है। मानसून पवनों के दबाव के साथ ही लू का प्रभाव कम हो जाता है। गर्म हवाओं के थपेड़ों से सडक़े सुनसान गर्म हवाओं के थपेड़ों से शहर की सडक़े सोमवार सुबह 11 से शाम पांच बजे तक सुनसान सी दिखी। बाजारों में खाने-पीने की दुकानों के शटर भी आधे हो गए। दोपहर में ऑटो भी सडक़ों से गायब दिखे। टंकियों का पानी उबला तापमान का असर घरों की टंकियों पर दिखाई देने लगा है। नल का पानी भी उबलने लगा है। दोपहर रसोई में काम कर रहीं महिलाओं ने जब नल से बर्तन साफ करने के लिए पानी निकाला तो यह गर्म मिला।
