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राष्ट्रीय राजमार्ग 52 सीकर -रींगस मार्ग पर भारी ओवरलोड तुड़ी का भरा हुआ ट्रेक्टर ट्राली अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टक्कराकर रैलिंग से जा टकरा गया जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गौरतलब है कि क्षेत्र में प्रतिदिन करीब आधा दर्जन से ज्यादा ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां धड़ल्ले से तुड़ा भरकर दौड़ रहे है। राजमार्ग पर रोड़ के राजा होकर सडक़ पर इस प्रकार चलते हैं कि शायद रोड़ उनकी ही हो साथ ही किसी प्रकार की कोई परवाह नहीं, रोज-रोज बढ़ते हादसों के चलते अगर ट्रैक्टर ट्रॉलीयों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी किसी प्रकार का कोई बड़ा हादसा हो सकता है। तुड़ी से भरे ट्रैक्टर श्रीगंगानगर के आसपास के क्षेत्र से सडक़ पर इस प्रकार चलते हुए आते हैं जैसे मानो उन्होंने व्यक्तिगत सडक़ मार्ग निर्माण करवाया हो पीछे जो भी साधन चल रहे हैं उनको साइड देने के बजाय मदमस्त होकर चलते रहते हैं । गंगानगर से प्रारंभ होने के बाद इतने थाने व आरटीओं ऑफिस कार्यालय आते हैं उसके बावजूद भी इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। भारी लोड होने के कारण अगर किसी बहाने अन्य साधन की ट्रैक्टर के टक्कर लग भी जाती है तो ट्रोली तो पलटेगी साथ में अन्य लोगों को भी हादसे का शिकार कर सकती है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन कब जा कर इन पर कार्रवाई करता है। बुधवार को सुबह बावड़ी बस स्टैंड के पास और ट्रेक्टर ट्रॉली को साइड नहीं देने पर ट्रैक्टर टक्कर के बाद रेलिंग से जाकर टक्करा गया और बड़ा हादसा होते-होते टल गया गौरतलब है कि हाईवे पर इन साधनों के दौडऩे से और दुर्घटनाग्रस्त होने से आवागमन में भी यात्रियों को बाधा होती है। राजमार्ग से इनको साइड में करने के लिए कम से कम तीन से चार घंटे लगते हैं तब तक आवागमन बाधित रहता है।
