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चलती हुई टैक्सी का टायर बाहर निकला
टैक्सी में बैठा हुआ यात्री उछलकर दूर गिरा
झुंझुनू, झुंझुनू शहर के व्यस्ततम रोड पर आज सुबह सुबह ही एक सड़क हादसा हो गया। जीबी मोदी स्कूल के पास मोदी टावर के सामने चलती हुई टैक्सी का टायर निकल कर दूर जा गिरा। जिसके चलते टैक्सी में बैठा हुआ एक युवक उछलते हुए दूर जा गिरा। जिसको एक मोटरसाइकिल पर बिठाकर हॉस्पिटल की तरफ ले जाया गया। टैक्सी चालक ने जानकारी देते हुए बताया कि मैं गांधी चौक से झुंझुनू कलेक्ट्रेट की तरफ जा रहा था। मोदी टावर के सामने सड़क पर सीवरेज का गड्ढा बना हुआ था जिसमें चलती हुई टैक्सी का टायर आने से टायर की रिम टूट गई जिसके चलते टायर निकल कर दूर जा गिरा और टैक्सी में बैठी हुई एक सवारी उछलकर दूर गिर गई। वही टैक्सी घसीटते हुए दुकान के बाहर बने चबूतरे से जाकर टकराई। वही गनीमत की बात यह रही कि हाल ही में दुकान के आगे बनाई गई कबूतरी से टकराकर टैक्सी वहीं रुक गई। नहीं तो दुकान में बैठे हुए व्यक्ति को जान माल का नुकसान भी उठाना पड़ सकता था। वही दुकान के अंदर का सामान भी क्षतिग्रस्त हो जाता। इस पूरी घटना में जहां एक व्यक्ति चोटिल हो गया। वहीं टैक्सी चालक गरीब व्यक्ति का नुकसान भी हो गया। वही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झुंझुनू शहर में जगह-जगह कंपनी के द्वारा सीवरेज के ढक्कन खोल कर सफाई तो कर दी जाती है लेकिन उनको रास्ते के अनुसार समतल नहीं किया जाता। जिसके चलते आए दिन ऐसे सड़क हादसे देखने को मिलते हैं।
वहीं आसपास के दुकानदारों ने बताया कि महीने भर पहले भी गड्ढे के कारण सड़क हादसा हो चुका है। झुंझुनू नगर परिषद की कार्यशैली पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं ही वही जिस रास्ते से झुंझुनू जिला प्रशासन के आला अधिकारी दिन भर गुजरते हैं। उसके भी यह हालात यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि झुंझुनू नगर परिषद प्रशासन नाकारा साबित हो चुका है। लेकिन इनके ऊपर निगरानी करने वाले जिले के आला अधिकारियों की संवेदनशीलता भी लगता है मर चुकी है जिसके चलते आए दिन नगर परिषद के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में कांग्रेस के हाथ से हाथ जोड़ो अभियान के दौरान झुंझुनू नगर परिषद सभापति के काफिले को एक मुस्लिम वार्ड में ही कड़े आक्रोश का सामना करना पड़ा था। वह पर भी लोगों का कहना था कि हम कांग्रेस के परंपरागत वोट हैं लेकिन इसके बावजूद भी हमारी छोटी-छोटी समस्याओं पर भी सुनवाई नहीं होती है।
आक्रोशित लोगों ने इस दौरान झुंझुनू विधायक बृजेंद्र ओला मुर्दाबाद के नारे भी लगाए थे। वही लोगों का कहना है कि झुंझुनूं नगर परिषद पर विधायक एवं मंत्री बृजेंद्र ओला का सिर पर हाथ है जिसके चलते झुंझुनू नगर परिषद निरंकुश बन चुका है। वहीं झुंझुनू जिले के प्रशासन में भी इतनी हिम्मत नहीं है कि वह नगर परिषद की निरंकुशता पर लगाम लगा सके। लिहाजा आप झुंझुनू नगर परिषद के दूरदराज के गली मोहल्लों को तो छोड़िए झुंझुनू शहर की प्रमुख सड़कों पर ही आपको इतनी समस्याएं देखने को मिल जाएंगी जो इस बात पर अपनी मुहर लगा देती है।
