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PM Kisan Yojana Fraud in Rajasthan: राजस्थान में एक और घोटाले का मामला उजागर होने से इलाके में हड़कंप मच गया। बता दे की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 440 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का मामला राजस्थान के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में सामने आया है।
भजनलाल सरकार इस गंभीर वित्तीय अनियमितता पर बहुत सख्त रुख अपना रही है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेधम ने स्पष्ट किया है कि किसानों के अधिकारों को लूटने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार का दो टूक जवाब
मंत्री बेढम ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि चाहे इस घोटाले में बैंक कर्मचारी शामिल हों या कोई संगठित गिरोह, किसी को भी रियायत नहीं मिलेगी।
सरकार की प्राथमिकता इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना और दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह किसानों के साथ विश्वासघात है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने संकेत दिया कि जांच एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं और जल्द ही इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो जाएगा। दोषियों की पहचान कर कड़ी सजा दी जाएगी।
बेढम ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि चाहे वह बैंक कर्मचारी हों या घोटाले में शामिल कोई संगठित गिरोह, किसी को भी कोई रियायत नहीं मिलेगी।
सरकार की प्राथमिकता इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना और दोषियों को सलाखों के पीछे डालना है। यह किसानों के साथ विश्वासघात है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संबंधित विभागों को पात्र किसानों के लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया गया है।
योजना के लाभ से वंचित किसानों को पोर्टल पर जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
किसानों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है।
पहले इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिलते थे, जिसे भजन लाल सरकार ने अब बढ़ाकर 8,000 रुपये (मुख्यमंत्री सम्मान निधि जोड़कर) कर दिया है
सरकार का अगला लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से इस राशि को बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रति वर्ष करना है।
