Archive Notice: This article was originally published on 22 मार्च 2018.
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 जिले के हजारों किसानों ने गुरुवार को कृषि उपज मंडी में सभा कर प्याज की सरकारी खरीद मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि सीकर जिला उत्तरी भारत का सर्वाधिक मीठा प्याज उत्पादन वाला जिला है। इस समय किसानों का प्याज मंडी में 3 से 5 प्रति किलो बिक रहा है, जबकि 15 दिन पहले प्याज के भाव 15 रुपए किलो था। इस प्रकार प्याज के भाव में भारी गिरावट से किसानों को लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। प्याज की लागत किसानों के 8 रुपये प्रति किलो है, जिसके कारण किसान कर्जदार हो रहा है। किसानों को कर्ज से बचाने के लिए प्याज की बाजार हस्तक्षेप योजना के अंतर्गत 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सरकारी खरीद की जाए। इस योजना में पहले भी खरीद की जा चुकी है। प्याज का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत में 50 प्रतिशत जोडक़र घोषित किया जाए। रबि फसल की जिंसों, चना व जौ कि समर्थन मूल्य पर चालू की जाए, खरीद केंद्रों पर शीघ्र तुलाई की व्यवस्था की जाए। किसानों को दूध का सही भाव नहीं मिल रहा है। डेयरियों के मनमर्जी के कारण किसानों का पूरा दूध भी नहीं खरीदा जा रहा है। किसानों का पूरा दूध खरीदा जाए तथा गाय का 40 रूपये प्रति लीटर, भैंस का 60 रुपये प्रति लीटर दूध खरीदा जाए।

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