Archive Notice: This article was originally published on 1 अगस्त 2022.
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मतदाता सूची में लिंक होगा आधार नंबर, आधार नंबर दिया जाना स्वैच्छिक

चूरू, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में मतदाताओं की प्रविष्टियों को प्रमाणित करने और भविष्य में उन्हें बेहतर चुनावी सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए मतदाता सूची में मौजूदा मतदाताओं की आधार संख्या एकत्र करने और मतदाता सूची को तर््ुटि रहित बनाने के लिए निर्वाचक पंजीकरण नियम-1960 की धारा 23 की उपधारा (5) के अनुसार एक नया फार्म 6-बी जारी किया गया है।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित राजनैतिक दलों एवं प्रेस प्रतिनिधियों की बैठक में यह जानकारी देते हुए बताया कि आधार एकत्रीकरण का कार्य 01 अगस्त से ऑनलाईन एवं ऑफलाईन माध्यम से शुरू किया जा चुका है। ऑनलाईन फार्म 6-बी जमा कराने के लिए मतदाता को ऑनलाईन माध्यम यथा एनवीएसपी पोर्टल, वोटर हेल्पलाईन एप पर भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। मतदाता द्वारा मतदाता पोर्टल के माध्यम से भी फार्म 6-बी भरा जा सकता है और यूआईडीएआई के साथ पंजीकृत अपने मोबाइल नम्बर पर प्राप्त होने वाले ओटीपी का उपयोग करके आधार को प्रमाणित कर सकता है। मतदाता की ओर से आधार नम्बर दिया जाना स्वैच्छिक है।

बैठक में एडीएम लोकेश गौतम, सहायक निदेशक (जनसंपर्क) कुमार अजय, डीआईओ लक्ष्मण सिंह चौधरी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अरविंद ओला, अंजू नेहरा, मो. हुसैन निर्वाण, महेश मिश्रा, नारायण बेनीवाल, सहायक प्रशासनिक अधिकारी नरेंद्र सिंह राठौड़, भू अभिलेख निरीक्षक शिव प्रकाश शर्मा सहित संबंधित अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं मीडियाकर्मी मौजूद थे।

4 एवं 18 सितम्बर को विशेष शिविर

जिला कलक्टर सिहाग ने बताया कि फार्म 6-बी में मतदाताओं के आधार प्राप्त करने के लिए जिले के समस्त मतदान केन्द्रों पर 4 सितम्बर, 2022 (रविवार) एवं 18 सितम्बर, 2022 (रविवार) को विशेष शिविर होंगे। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे फार्म 6बी में आधार की सूचना अद्यतन किए जाने के लिए ऑनलाईन माध्यमों नेशनल वोटर्स सर्विस पोर्टल, वोटर हैल्पलाईन एप का उपयोग करें ताकि कार्य सुगमता से सम्पादित हो सके।

प्रपत्रों में संशोधन

जिला कलक्टर ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं के पंजीकरण के लिए भरे जाने वाले प्रपत्रों को सुविधाजनक बनाया गया है। भारत निर्वाचन आयोग के परामर्श से केन्द्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से निर्वाचन पंजीकरण नियम के तहत कुल 12 प्रपत्र 1, 2, 2ए, 3, 6, 7, 8, 11, 11ए, 11बी, 18 एवं 19 में संशोधन किए गए हैं। संशोधित सभी प्रपत्र 1 अगस्त, 2022 से प्रभावी होंगे। 1 अगस्त, 2022 से ईआरओ नेट और इससे जुड़ी आईटी एप्लीकेशन नेशनल वोटर्स सेर्विस पोर्टल, वोटर हैल्पलाईन एप एवं गरूड़ा एप में नए आवेदन प्रपत्र और प्रक्रिया उपलब्ध होगी। आयोग की ओर से मतदाताओं के पंजीकरण के लिए काम आने वाले मुख्य प्रपत्र 6, 7 एवं 8 में संशोधन किए गए है। संशोधित प्रपत्र-6 अब केवल नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए कर दिया गया है तथा इसमें एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानान्तरण के लिए आवेदन के प्रावधान को हटाकर संशोधित प्रपत्र 8 में शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि अनाथ व्यक्ति/गुरु के मामलों में कानूनी अभिभावक का विवरण अब रिश्तेदारों के विवरण के अंतर्गत दिए जा सकने का संशोधन भी इस प्रपत्र में किया गया है। जन्म और निवास के प्रमाण के लिए दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं ताकि प्रपत्रों का त्वरित निस्तारण हो सके। प्रवासी मतदाता के पंजीकरण के लिए आयोग ने निर्धारित फार्म 6ए में कोई संशोधन नहीं किया है। चुनाव आयोग ने प्रपत्र 001 में प्रतिस्थापन ईपिक जारी करने के लिए आवेदन को समाप्त कर प्रपत्र-8 में इसका प्रावधान किया है। प्रपत्र-7 में मतदाता सूची में नाम हटाने के लिए मृत्यु प्रमाण-पत्र संलग्न करने का प्रावधान किया गया है।

स्थानान्तरण प्रकरण में रहेगा यह प्रावधान

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक ही विधानसभा क्षेत्र के भीतर निवास स्थानान्तरण के मामलों के लिए प्रपत्र-8ए को समाप्त कर प्रपत्र-8 में ही इसके लिए प्रावधान किया गया है। आयोग के नवीनतम निर्देशों के अनुसार संशोधित फॉर्म 8 में मतदाता के निवास स्थानान्तरण, वर्तमान निर्वाचक नामावलियों की प्रविष्टियों में सुधार, प्रतिस्थापन ईपिक एवं दिव्यांगजन के रूप में चिन्हीकरण का प्रावधान किया गया है। आपत्तियों की सूची में सुधार करने के लिए मौजूदा फार्म 11 तथा 11ए के साथ ही एक नया फार्म 11बी प्रस्तावित किया गया है जिसमें फार्म 8 में प्राप्त एक निर्वाचन क्षेतर्् से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानान्तरण कराने के लिए प्राप्त आवेदनों की सूची तैयार की जाएगी। इसी प्रकार फार्म सं. 7, 11, 11ए, और 11बी के अलावा सभी मतदाता प्रपत्रों में मतदाताओं के आधार विवरण प्राप्त करने का प्रावधान किया गया है।

अब एक की बजाय चार अर्हता तिथ

जिला कलक्टर ने बताया कि नाम जुड़वाने के लिए अर्हता तिथि 1 जनवरी के स्थान पर वर्ष में 4 तिथियां 1 जनवरी, 1 अप्रेल, 1 जुलाई तथा 1 अक्टूबर निर्धारित की गई हैं। अर्हता तिथि एक जनवरी 2023 के संदर्भ में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रें की फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है जिसके अनुसार एकीकृत फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 9 सितंबर (बुधवार) को तथा अन्तिम प्रकाशन 5 जनवरी (गुरुवार) को किया जायेगा।

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