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Video News : महिला ने खुद रची फर्जी लूट की दास्तान, 24 घंटे में झुंझुनू पुलिस का खुलासा

जेवर पलंग में छुपाए, प्लॉट खरीदने के लिए रची थी पूरी कहानी
 
 

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/vjzcIT-iE0E?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/vjzcIT-iE0E/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640"> झुंझुनूं जिले के पुलिस थाना मुकुंदगढ़ क्षेत्र में सामने आई दिनदहाड़े लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि यह पूरी घटना फर्जी थी, जिसे स्वयं परिवादिया ने मनगढ़ंत तरीके से रचा

क्या था लूट का दावा?

दिनांक 19 जनवरी 2026 को एक महिला ने थाना मुकुंदगढ़ में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि दोपहर करीब 1 बजे तीन महिलाएं और एक पुरुष घर में घुसे, चाकू की नोक पर करीब 10 लाख रुपए के जेवरात और नकदी लूटकर ले गए। महिला ने यह भी दावा किया कि आरोपियों ने उसके चेहरे पर कोई पदार्थ डाल दिया, जिससे वह बेहोश हो गई।

पुलिस को हुआ शक

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय IPS के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच, MIU टीम की रिपोर्ट और आस-पड़ोस से पूछताछ के बावजूद किसी बाहरी आरोपी की कोई पुष्टि नहीं हुई।

सबसे अहम बात यह रही कि परिवादिया बार-बार अपने बयान बदलती रही, जिससे पुलिस को गहरा संदेह हुआ।

गहन पूछताछ में टूटी कहानी

वृताधिकारी नवलगढ़ के सुपरविजन में महिला पुलिस टीम द्वारा जब सख्ती से पूछताछ की गई तो अंततः महिला ने पूरी घटना खुद द्वारा रची होना स्वीकार कर लिया

उसने बताया कि उसने अपने सभी सोने-चांदी के आभूषण और नकदी घर में ही पलंग के अंदर छुपा दिए थे, जिन्हें पुलिस की मौजूदगी में बरामद कर लिया गया।

क्यों रची गई फर्जी लूट?

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि महिला का उद्देश्य
लूट की झूठी कहानी बनाकर परिजनों को गुमराह करना और जेवरात बेचकर अलग से प्लॉट खरीदना था।

पुलिस की तत्परता की सराहना

मुकुंदगढ़ पुलिस की इस तेज और सटीक कार्रवाई से न सिर्फ एक फर्जी केस का पर्दाफाश हुआ, बल्कि पुलिस संसाधनों के दुरुपयोग पर भी सख्त संदेश गया।