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झुंझुनूं जिले में चल रहे 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के लिए स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. एसएन धौलपुरिया झुंझुनूं पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय में बैठक लेकर जिलेभर के बीपीएम और एनटीईपी फील्ड स्टाफ के कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में डब्ल्यूएचओ सलाहकार सुधांशु खत्री ने पीपीटी के माध्यम से अभियान की प्रगति रिपोर्ट और विभिन्न इंडिकेटर्स प्रस्तुत किए।
सिंघाना और बुहाना ब्लॉक पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान सिंघाना और बुहाना ब्लॉक में निक्षय आईडी इनरोलमेंट की स्थिति कमजोर पाए जाने पर डॉ. धौलपुरिया ने नाराजगी जताई।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तीन दिन में लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि समय पर सुधार नहीं होने पर संबंधित कार्मिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
“100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” डॉ. एसएन धौलपुरिया
236 हाई रिस्क गांवों पर रहेगा विशेष फोकस
डॉ. धौलपुरिया ने जिले के 236 हाई रिस्क गांवों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओपीडी में आने वाले संभावित टीबी मरीजों की निक्षय आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जाए।
इसके साथ ही मरीजों के चेस्ट एक्स-रे और समय पर जांच सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने बीडीके अस्पताल झुंझुनूं और बिरला अस्पताल पिलानी में होने वाले सभी चेस्ट एक्स-रे को निक्षय पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए।
खराब प्रदर्शन पर रुक सकता है इंक्रीमेंट
बैठक में डॉ. धौलपुरिया ने स्पष्ट कहा कि अभियान में कर्मचारियों के प्रदर्शन के आधार पर ही वार्षिक वेतन वृद्धि पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने पिछड़े ब्लॉकों के एनटीईपी कार्मिकों के इंक्रीमेंट रोकने के निर्देश जिला क्षय रोग अधिकारी को दिए।
जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए सांसद, विधायक, यूएलबी और पीआरआई जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डॉ. धौलपुरिया ने कहा कि हाई रिस्क गांवों में शिविरों से पहले ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और शहरी क्षेत्रों में वार्ड पार्षदों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लाभ उठा सकें।
“निक्षय मित्र” से मरीजों को मिलेगा पोषण सहयोग
बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को “निक्षय मित्र” के रूप में जोड़ने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत टीबी मरीजों को नियमित रूप से पोषण सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी।
बैठक में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. भंवरलाल, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विजय सिंह, डीपीसी आनंद चौधरी सहित जिले के सभी ब्लॉकों के बीपीएम और एनटीईपी स्टाफ मौजूद रहे।
