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झुंझुनूं कलेक्टर का बड़ा फैसला, काटली नदी को मिलेगा नया जीवन
झुंझुनूं। जिले की ऐतिहासिक काटली नदी को फिर से जीवंत बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर रामावतार मीणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नदी के पूरे बहाव क्षेत्र का सीमांकन कर अतिक्रमण चिन्हित करें और कानूनी कार्यवाही करें।
28 जून से 4 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान
प्रशासन द्वारा तय किया गया है कि दिनांक 28 जून से 4 जुलाई 2025 तक जिले भर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान खेतड़ी, उदयपुरवाटी, गुढागौड़जी, झुंझुनूं मण्ड्रेला, चिड़ावा और पिलानी क्षेत्रों में काटली नदी के बहाव क्षेत्र की पहचान की जाएगी।
अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस का भी लिया जाएगा सहयोग
कलेक्टर मीणा ने स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो अभियान के दौरान पुलिस बल का सहयोग भी लिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान के बाद 5 जुलाई तक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) को कार्रवाई से अवगत कराया जा सके।
जनसहयोग से होगी नदी की रक्षा
प्रशासन ने यह भी कहा है कि अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आमजन का सहयोग लिया जाएगा। नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के प्रयासों में सबकी भागीदारी जरूरी है।
वर्षों से बंद है बहाव, अवैध खनन भी बड़ी वजह
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, काटली नदी में बीते कई वर्षों से बहाव बंद है। इसका कारण अवैध खनन, अतिक्रमण और बहाव क्षेत्र में निर्माण कार्य हैं। आमजन की लंबे समय से मांग थी कि इस नदी को पुनर्जीवित कर संरक्षित किया जाए।
निष्कर्ष:
झुंझुनूं जिले की प्राकृतिक धरोहर काटली नदी को बचाने की दिशा में यह कदम प्रशंसनीय है। यदि अभियान सफल रहा, तो नदी में जल प्रवाह फिर से लौटेगा और स्थानीय पर्यावरण को नई जीवनरेखा मिलेगी।
