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Dollar Vs Rupess : डॉलर की रूपए ने निकाली सारी हेकड़ी! अब ये 34 देश करेंगे सीधे रुपये में व्यापार

Dollar Vs Indian Rupess : भारतीय रुपये कि ताकत देख अब डॉलर के पसीने छूटने वाले है। बता दे कि भारतीय रूपए कि ताकत अब धीरे धीरे बढ़ती जा रही है। इस बाद का अंदाज आप लगा सकते है कि पहले जहां भारत केवल 18 देशों के साथ रुपये में कारोबार करता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 34 देशों तक पहुंच गई है। यानी भारतीय रुपये को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में पहले से कहीं ज्यादा स्वीकृति मिल रही है। यह भारत की आर्थिक स्थिति और रुपये की बढ़ती ताकत का एक नमूना है।

अंतरराष्ट्रीय उपयोग भारत के लिए बहुत फायदेमंद

अधिक जानकारी के लिए बता दे कि हाल ही में फॉरेक्स एक्सचेंज डीलर एसोसिएशन (FEDAI) द्वारा जारी आंकड़ों को RBI अधिकारियों ने निर्यातकों के साथ एक बैठक में साझा किया। निर्यातकों का मानना है कि रुपये का बढ़ता अंतरराष्ट्रीय उपयोग भारत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि इससे डॉलर पर निर्भरता कम होगी और बचत के साथ साथ कई लाभ भी मिलेंगें।Dollar Vs Rupess

रुपये में कारोबार बढ़ने से क्या होगा फायदा?

जानकारी के लिए बता दे कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से दुनिया में डॉलर पर निर्भरता को कई देशों में चिता बढ़ गई थी। इसी बीच भारत ने रुपये में व्यापार को बढ़ावा देने का निर्णय लिया। इससे व्यापार की लागत कम होगी, जोखिम से भी छुटकारा मिलेगा साथ ही जी बदलाव में जो पैसा खर्च होता है उस से भी छुटकारा मिलेगा। निर्यातकों के मुताबिक, रुपये में ट्रेडिंग होने से भारतीय कंपनियों को ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में भी मदद मिलती है, क्योंकि लागत कम हो जाती है।

इन देशों के साथ रुपये में होगा व्यापार

बता दे कि डॉलर कि तरह रूपए ने अपनी ताकत दिखानी शरू कर दी है। इसमें एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ओशिनिया के देश शामिल हैं। भारत जिन महत्वपूर्ण देशों के साथ रुपये में व्यापार कर रहा है, उनमें शामिल हैं ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, बेलारूस, बेल्जियम, बोत्सवाना, चीन, मिस्र, फिजी, आर्मेनिया, जर्मनी, गुयाना, इंडोनेशिया, जापान, केन्या, कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, मालदीव, मॉरीशस, मंगोलिया, म्यांमार, न्यूजीलैंड, ओमान, कतर, रूस, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, तंजानिया, UAE, युगांडा, UK, Dollar Vs Rupess