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जिला कलेक्टर मुक्तानंद अग्रवाल ने चिकित्सा अधिकारियों से कहा है कि वे बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों के प्रभावी नियंत्रण के लिए एंटी लार्वा गतिविधियों के साथ एमएलओ का छिड़काव व फोिंगंग की गतिविधियां भी संचालित करें। जिला कलक्टर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला ग्रामीण स्वास्थ्य समिति की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने जिले के सभी चिकित्सा प्रभारियों को मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजनान्तर्गत चिकित्सा संस्थानों पर आने वाले लाभार्थियों को स्वास्थ्य मार्गदर्शक पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना का समुचित लाभ लाभार्थी को मिल सके। जिला कलक्टर ने कहा कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजनान्तर्गत कम प्रगति वाले चिकित्सा संस्थान गंभीरता बरतें। उन्होंने एनएचएम सिविंल विंग की ओर से हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए भी सीएमएचओ सहित चिकित्सा प्रभारियों को मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी निर्माण शुरू हो वहां पर ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचना एनएचएम सिविल िंवग की ओर से दी जाए। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के दूसरे फेज के बाद हो रहे बदलाव तथा राजकीय चिकित्सा संस्थानों के पिछड़ने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थान पर उपचार के लिए आने वाले मरीज को भर्ती करने पर उसके भामाशाह कार्ड व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में चयन की पात्रता की जांच कर उसे बीएसबीवाई का लाभ दिलवाया जाए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने राजश्री योजना की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिले में परिवार कल्याण कार्यक्रम अन्तर्गत निर्धारित लक्ष्य को अर्जित करने के सार्थक प्रयास किये जा रहे है। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुनील जांदू ने गर्भवती व बच्चों के टीकाकरण के लक्ष्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिले में चल रहे आरबीएसके कार्यक्रम के तहत अब बच्चों के कुपोषण की भी जांच की जाएगी। बैठक में राजकीय उप जिला चिकित्सालय रतनगढ़ के पीएमओ डॉ.राजेन्द्र गौड, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवकरण गुरावा, बीसीएमओ डॉ. अखिलेश, डॉ.बीएल वर्मा, डॉ.सुनील मीणा, डॉ. हरकेश बुडानियां, डीपीएम आशीष खण्डेलवाल सहित सभी सीएचसी प्रभारी मौजूद थे।
