Archive notice This article was published on 01 June 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

चूरू जिले में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना पुलिस ने मामले में एक आरोपी को जोधपुर से गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से ठगी की रकम के लेनदेन के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था।

गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

फेसबुक पर दिया निवेश का लालच

पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद के अनुसार, रणवा की ढाणी निवासी शिशपाल उर्फ शिशपालाराम ने 3 जनवरी 2025 को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पीड़ित ने बताया कि अज्ञात लोगों ने फेसबुक के माध्यम से संपर्क कर शेयर और मार्केट में निवेश करने पर भारी मुनाफे का झांसा दिया। इसके बाद विभिन्न माध्यमों से उससे 24 लाख 81 हजार रुपये ठग लिए गए।

तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार तथा साइबर थानाधिकारी विजय कुमार मीणा के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।

पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने जोधपुर के प्रताप नगर स्थित डॉ. आंबेडकर कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय प्रियांशु तेजी को गिरफ्तार किया।

आरोपी के खाते में आया था ठगी का पैसा

जांच में सामने आया कि आरोपी प्रियांशु तेजी के बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की राशि निकालने के लिए किया गया था।

पुलिस के अनुसार उसके खाते के माध्यम से 1.77 लाख रुपये की राशि निकाली गई थी, जो पीड़ित से ठगे गए पैसों का हिस्सा थी।

9 राज्यों से शिकायतें, 40 लाख से ज्यादा का संदिग्ध लेनदेन

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते के खिलाफ पहले से 9 साइबर शिकायतें दर्ज हैं।

इन शिकायतों में खाते के माध्यम से करीब 40 लाख 24 हजार 150 रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली है। इससे संकेत मिलता है कि आरोपी का संबंध बड़े साइबर ठगी नेटवर्क से हो सकता है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि यह केवल नेटवर्क का एक हिस्सा है और मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस पूरे गिरोह की पहचान करने और अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

हेड कांस्टेबल की रही अहम भूमिका

इस मामले का खुलासा करने और आरोपी को ट्रेस करने में हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार की विशेष भूमिका रही।

कार्रवाई में हेड कांस्टेबल राकेश कुमार, कांस्टेबल सुनील कुमार और साइबर सेल की टीम भी शामिल रही।

निवेश से पहले रहें सावधान

साइबर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले निवेश और अधिक मुनाफे के प्रस्तावों पर आंख बंद कर भरोसा न करें। किसी भी निवेश से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।