चूरू जिले में भारतीय डाक विभाग की भर्ती से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में कोतवाली थाना पुलिस को एक और सफलता मिली है।
पुलिस ने 10वीं कक्षा की फर्जी अंकतालिका और जाली दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
दस्तावेज सत्यापन में सामने आया था फर्जीवाड़ा
कोतवाली थाना के सब इंस्पेक्टर कृष्णाराम के अनुसार जनवरी 2024 में डाक मंडल के एएसपी महावीर प्रसाद की ओर से कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया गया था।
शिकायत में 21 नामजद व्यक्तियों पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने डाक विभाग में नियुक्ति के दौरान फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र और जाली अंकतालिकाएं प्रस्तुत की थीं।
यह पूरा मामला विभागीय दस्तावेज सत्यापन (वेरिफिकेशन) के दौरान सामने आया था।
सपोटरा निवासी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस जांच के दौरान 41 वर्षीय पप्पू कुमार मीणा निवासी सपोटरा क्षेत्र को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही है।
पहले भी 10 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार इस मामले में इससे पहले राजगढ़ निवासी अंकित सहित हरियाणा के कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों में सतीश, अनिल, राजेश कुमार, सोमवीर, पवन कुमार, संदीप, विनोद कुमार, दीपक कुमार और एक अन्य आरोपी शामिल हैं।
पूछताछ में हुए अहम खुलासे
जांच के दौरान कई आरोपियों ने फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी प्राप्त करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उपलब्ध कराने के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं था।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
जांच अधिकारी के अनुसार शेष आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।
भर्ती प्रक्रियाओं में दस्तावेज सत्यापन का महत्व
यह मामला सरकारी नौकरियों में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया की अहमियत को भी दर्शाता है।
विभागीय स्तर पर की गई जांच के कारण फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों का खुलासा हो सका।





