चूरू पुलिस ने क्रिकेट सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आईपीएल फाइनल मैच पर ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले सात बुकी गिरफ्तार किए हैं। कोतवाली पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) की संयुक्त कार्रवाई में एक मकान पर छापा मारकर इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सट्टे से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में बड़े स्तर पर आर्थिक लेनदेन और कथित ऑनलाइन धोखाधड़ी के संकेत मिले हैं।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार और वृताधिकारी विनोद नैन के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई।
कोतवाली थानाधिकारी सुखराम चोटिया और डीएसटी प्रभारी जयप्रकाश झाझड़िया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने टकणेत हाउस के सामने स्थित एक मकान पर दबिश दी, जहां कथित रूप से क्रिकेट सट्टा और जुआ संचालित किया जा रहा था।
सात आरोपी गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में:
- राकेश कुमार
- कुनाल गहलोत
- हीरालाल
- साजिद
- मानवेंद्र सिंह
- दिनेश राठी
- अनिल सैनी
शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों को मौके पर सट्टा गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में हिरासत में लिया।
26 लाख रुपये से अधिक के सट्टे का रिकॉर्ड मिला
पुलिस को आरोपियों के पास से मिली डायरी और दस्तावेजों में 31 मई को खेले गए आईपीएल फाइनल मैच पर लगभग 26.84 लाख रुपये के सट्टे का हिसाब-किताब मिला है।
अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के बाद लेनदेन की वास्तविक राशि और नेटवर्क का दायरा और स्पष्ट हो सकेगा।
लैपटॉप, मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेज जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
- 4 लैपटॉप
- 14 मोबाइल फोन
- 2 कैमरे
- 6 डेबिट कार्ड
- 3 पासबुक
- 2 चेकबुक
- वाई-फाई डोंगल
- हिसाब-किताब की पर्चियां
- 52 ताश के पत्ते
- 4,650 रुपये नकद
बरामद किए हैं।
ऑनलाइन ठगी की आशंका, मुख्य आरोपी फरार
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि मामले का मुख्य आरोपी शिवम सैनी फिलहाल फरार है।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कथित तौर पर ऑनलाइन आईडी के माध्यम से बैलेंस और सट्टे के भावों में हेरफेर कर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता था। हालांकि इन आरोपों की विस्तृत पुष्टि जांच और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगी।
कई धाराओं में मामला दर्ज
कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ राजस्थान जुआ अध्यादेश, भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर शहर में सक्रिय अन्य सट्टा नेटवर्क और संबंधित गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
जांच जारी
थानाधिकारी सुखराम चोटिया के नेतृत्व में मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।





