Archive Notice: This article was originally published on 28 मई 2018.
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 जिला कलेक्टर मुक्तानंद अग्रवाल ने कहा कि जिले में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजनान्तर्गत चिकित्सा संस्थान पर आने वाले लाभार्थी को स्वास्थ्य मार्गदर्शक पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना का समुचित लाभ  लाभार्थी को मिल सके। जिला कलेक्टर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला ग्रामीण स्वास्थ्य समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जिले के सभी चिकित्सा प्रभारियों को कहा कि चिकित्सा संस्थान में आने वाले मरीजों को समय पर पूरा उपचार तथा चिकित्सा सेवा का लाभ मिले इसके लिए सभी चिकित्सक पूरी मुस्तैदी बरतें। उन्होंने जिले में मौसमी बीमारियों की प्रभावी रोकथाम के लिए एन्टीलार्वा गतिविधियां, पेयजल स्रोतों की सफाई व प्रचार-प्रसार गतिविधियां संचालित करने पर बल दिया। बैठक में जिला कलेक्टर ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के दूसरे फेज के बाद हो रहे बदलाव तथा राजकीय चिकित्सा संस्थानों के पिछड़ने पर चिंता जताते हुए कहा कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में आ रही कमी को दूर किया जाए। चिकित्सा संस्थान पर उपचार के लिए आने वाले मरीज को भर्ती करने पर उसके भामाशाह कार्ड व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में चयन की पात्रता की जांच कर उसे बीएसबीवाई का लाभ दिलवाया जाए। उन्होंने निपाह वायरस के संबंध में चर्चा करते हुए चिकित्सा अधिकारियों को रेपिड रेस्पोंस टीम गठन करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने बैठक में एनएचएम के सिविल विंग के अभियंता के उपस्थित नहीं रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने इस संबंध में एनएचएम सिविल विंग के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने राजश्री योजना की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिले में परिवार कल्याण कार्यक्रम अन्तर्गत निर्धारित लक्ष्य को अर्जित करने के सार्थक प्रयास किये जा रहे है। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुनील जांदू ने जिले में संचालित मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम अन्तर्गत द्वितीय चरण में गर्भवती व बच्चों के टीकाकरण के लक्ष्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिले में चल रहे आरबीएसके कार्यक्रम के तहत अब बच्चों के कुपोषण की भी जांच की जाएगी। बैठक में राजकीय उप जिला चिकित्सालय रतनगढ़ के पीएमओ डॉ.राजेन्द्र गौड, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवकरण गुरावा, बीसीएमओ डॉ. इदरीश, एनटीसीपी सलाहकार डॉ.लाडकंवर सहित सभी सीएचसी प्रभारी मौजूद थे।    

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