Archive notice This article was published on 02 June 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

चूरू स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीयू) मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

कॉलेज की बेसमेंट पार्किंग की छत का प्लास्टर अचानक टूटकर नीचे खड़ी एक कार पर गिर गया। हादसे के दौरान जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कार को हुआ भारी नुकसान

प्लास्टर गिरने से पार्किंग में खड़ी लग्जरी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

हादसे में कार का बोनट, आगे का शीशा और सनरूफ टूट गया। इतना ही नहीं, प्लास्टर के साथ गिरा लोहे का सरिया कार के सनरूफ को भेदते हुए अंदर तक पहुंच गया।

घटना के बाद कार के आसपास मलबा फैल गया।

बड़ा हादसा टला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय बेसमेंट पार्किंग में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।

यदि उस समय कोई वाहन चालक, कर्मचारी या छात्र वहां मौजूद होता तो गंभीर चोट लग सकती थी। इसी वजह से इसे एक बड़ा हादसा टलना माना जा रहा है।

पीजी रेजीडेंट डॉक्टर की बताई जा रही कार

घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज स्टाफ मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।

जानकारी के अनुसार क्षतिग्रस्त कार पैथोलॉजी विभाग की पीजी रेजीडेंट डॉ. अंकिता की बताई जा रही है। हादसे की सूचना उन्हें भी दे दी गई।

भवन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि पीडीयू मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण वर्ष 2017-18 में हुआ था।

हालांकि निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसी द्वारा कॉलेज भवन का पूर्ण हस्तांतरण (हैंडओवर) अब तक नहीं किया गया है। ऐसे में भवन की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

कई जगहों पर दिख रहे सरिये

कॉलेज परिसर में कई स्थानों पर छत और दीवारों से सरिये दिखाई देने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं।

बेसमेंट की छत के कुछ हिस्सों में भी सरिये खुले नजर आ रहे हैं, जिससे भविष्य में और हादसों की आशंका जताई जा रही है।

सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

कॉलेज की बेसमेंट पार्किंग में प्रतिदिन दर्जनों वाहन खड़े रहते हैं।

ऐसे में यदि समय रहते मरम्मत और सुरक्षा संबंधी उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

जांच और मरम्मत की मांग

घटना के बाद कॉलेज स्टाफ और लोगों ने भवन की तकनीकी जांच करवाने तथा कमजोर हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग उठाई है।

लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है।