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चूरू, संभागीय आयुक्त डॉ नीरज के पवन ने कहा है कि जिला कलक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक जिलों की कानून व्यवस्था को नियंत्रण में रखते हुए लोगों की समस्याओं का समाधान करें और सरकार की कल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाए जाने का काम करें। संभागीय आयुक्त ने कहा कि किसानों की समस्याओं का जिस स्तर पर समाधान होना है, उस स्तर पर सही वस्तुस्थिति पहुंचाएं और किसानों को कन्विंस करें। उन्होंने पेयजल आपूर्ति और नहरबंदी पर चर्चा करते हुए अधिकारियों से कहा कि नहरबंदी के दौरान किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए पहले से ही पूरी तैयारी रखें। नहरबंदी का काम नियत समय पर पूर्ण हो, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके अलावा आवश्यकतानुसार कंटीजेंसी प्लान भी बनाकर भिजवाएं। संभागीय आयुक्त ने कहा कि पानी चोरी के मामलों में प्रभावी कार्यवाही की जानी चाहिए।
कानून व्यवस्था के मसलों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील एवं महत्त्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जमानत पर छूटा हुआ व्यक्ति यदि जमानत शर्तों का उल्लंघन करता है तो उसकी जमानत निरस्त कराए जाने की नियमानुसार कार्यवाही की जानी चाहिए। गुंडा एक्ट में होने वाली कार्यवाही भी प्रभावी और संदेशप्रद होनी चाहिए। संभागीय आयुक्त ने कहा कि बाल सुधार ग्रहों में सुधार और सुरक्षा के लिए खास प्रबंध करें। सड़क हादसों की रोकथाम के लिए समुचित प्रयास करें। हाइवे से अतिक्रमण हटवाएं, कीकर बबूल कटवाएं और मीडियन लाइन और मार्जिन लाइन बनवाएं। संकेतक ठीक से लगाए जाएं। हाइवे पर स्थित गांवों में घूम रहे पशुओं के सींग पर आवश्यक तौर पर रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। उन्होंने अवैध खनन पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये और आपराधिक मामलों में चिकित्सकों द्वारा सही रिपोर्ट किये जाने पर बल दिया। दुर्घटनाग्रस्त लोगों को हॉस्पिटल पहुंचाने वाले लोगों को इनाम दिए जाने की योजना के प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए डॉ पवन ने कहा कि इसके फॉर्म थानों में भी उपलब्ध करवाएं। शराब तस्करों पर प्रभावी कार्यवाही करें और हथकढ़ शराब निकालने वालों पर भी कड़ी कार्यवाही करें अन्यथा ऐसी शराब किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। मुख्यमंत्री इस बात को लेकर बहुत गम्भीर हैं कि रात्रि 8 बजे बाद शराब की दुकान खुली नहीं रहे। यह सम्बन्धित पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी है। बिना अनुमति के चल रहे रेस्ट्रो-बार पर कार्यवाही करें। बिना अनुमति कोई शराब परोस रहा है तो होटल को बन्द करें। एसडीआरएफ की कम्पनियों से स्कूलों में आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग करवाएं।
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा करते हुए संभागीय आयुक्त ने कहा कि जो लोग मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में जुड़ने से वंचित हैं उन्हें प्रेरित एवं जागरूक कर जोड़ें। योजना में बीमित व्यक्ति यदि दुर्घटना में काल का ग्रास बनते हैं तो उन्हें क्लेम दिलवाएं। बाल गोपाल योजना की समुचित मोनिटरिंग करें। पटवारी जाकर सभी सीनियर स्कूलों को चेक करें। चूरू जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने विभिन्न बिंदुओं पर प्रगति की जानकारी दी और सरदारशहर में हटाये जा रहे अतिक्रमणों की जानकारी दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बैठक में दिये गए निर्देशों की अक्षरशः पालना की जाएगी।
इस दौरान पाले से हुये नुकसान की गिरदावरी, राजस्व प्रकरण एवं राजस्व प्रशासन, निर्वाचन सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर निर्देश दिए गए। इस दौरान हनुमानगढ़ कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग, श्रीगंगानगर कलक्टर सौरभ स्वामी, बीकानेर एडीएम ओमप्रकाश, चूरू एसपी दिगंत आनंद सहित सभी जिलों के एसपी, एडीएम भागीरथ साख, डीएफओ सविता दहिया, एसडीएम मूलचंद लूणिया एवं संबंधित संभाग स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
