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भारत सरकार की टीम ने किया था निरीक्षण
चूरू, राजकीय डेडराज भरतिया चिकित्सालय के लैबर रूम को भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से लक्ष्य प्रमाणीकृत किया हैं। लक्ष्य प्रमाणीकरण से लैबर रूम को तीन वर्ष सालाना छह लाख रूपये की राशि मिलेगी। यह जिले में लक्ष्य प्रमाणीकृत प्रथम लैबर रूम बन गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से क्वालिटी प्रोग्राम के तहत गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित विभिन्न मापदण्डों को पूरा करने पर लक्ष्य प्रमाणीकरण किया जाता है। उन्होंने बताया कि लैबर रूम को लक्ष्य प्रमाणीकरण के लिये राज्य स्तर की टीम के द्वारा निरीक्षण किया गया था। आरसीएचओ डॉ. विश्वास मथुरिया ने बताया कि निरीक्षण में सभी बिन्दुओं को पूरा करने पर भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की एनएचएसआरसी की टीम द्वारा 20 व 21 जनवरी को निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में लैबर रूम के प्रोटोकॉल, सेवा, मरीजों को मिलने वाली सुविधा, क्लिनिक व क्वालिटी प्रबधंक की जांच की गई। टीम के निरीक्षण में सभी बिन्दुओं पर मापदण्ड पूरे किये जाने पर 90 प्रतिशत अंक दिये गये। जिस पर भारत सरकार की ओर से लक्ष्य प्रमाणीकृत किया गया हैं। लैबर रूम को अत्याधुनिक बनाने के लिये अब हर वर्ष सालाना छह लाख रुपए की राशि मिलेगी।
जिला अस्पताल व उप जिला अस्पताल में भी होगा निरीक्षण
सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले में जिला चिकित्सालय रतनगढ़, उप जिला चिकित्सालय सुजानगढ़ व सीएचसी कानोता, साहवा व तारानगर के लैबर रूम में राज्य स्तरीय टीम ने लक्ष्य कार्यक्रम के लिये निरीक्षण कर लिया है। हैल्थ मैनेजर अनुज शर्मा ने बताया कि भारत सरकार की टीम के द्वारा चयनित चिकित्सा संस्थान के लैबर रूम का जल्द निरीक्षण किया जायेगा। लक्ष्य प्रमाणीकृत होने पर हर वर्ष सालाना तीन लाख रुपए मिलेंगे।
