Archive Notice: This article was originally published on 22 जून 2018.
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साहित्य डॉ कृष्णा जाखड़ को एकादमी का प्रतिष्ठित अनुवाद पुरस्कार, नई दिल्ली की ओर से असम के गुवाहाटी में शुक्रवार को हुए समारोह में चूरू की अनुवादक-लेखिका डॉ कृष्णा जाखड़ को राजस्थानी भाषा के लिए साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार 2017 प्रदान किया गया। गुवाहाटी के डिस्ट्रिक्ट लायब्रेयरी सभागार में शुक्रवार शाम आयोजित समारोह में अकादेमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कंबार ने जाखड़ सहित 24 भारतीय भाषाओं के अनुवादक रचनाकारों को वर्ष-2017 के श्रेष्ठ अनुवादक पुरस्कार स्वरूप 50-50,000 रुपये की राशि, ताम्रफलक और शॉल अर्पित कर पुरस्कृत किया। उल्लेखनीय है कि चूरू जिले के खारिया बास (राजगढ़) में 1 मार्च 1982 को पिता होशियार सिंह एवं माता भतेरी देवी के घर जन्मीं डॉ कृष्णा जाखड़ राजस्थानी की प्रतिष्ठित आलोचना शोध पत्रिका की संपादक हैं। राजगढ़ के तोला गर्ल्स कॉलेज में सहायक प्रोफेसर डॉ जाखड़ का अनुवाद क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य है। ‘गाथा तिस्ता पार री’ के अलावा ‘नापीजतौ आभौ’ एवं ‘अेक कीड़ी रो महाभारत’ उनकी अनूदित पुस्तकें हैं। इसके अलावा शोध प्रबंध ‘प्रभा खेतान के साहित्य में नारी विमर्श’, ‘हक के लिए’ उनकी चर्चित किताबें हैं। डॉ. जाखड़ को उनके अनुवाद ’गाथा तिस्ता पार री’ के लिए यह सम्मान अर्पित किया गया है जो कि देवेश राय के बांग्ला उपन्यास ’तिस्ता पारेर वृत्तान्त’ का राजस्थानी अनुवाद है।
