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किसी वस्तू के आगे आने पर देती है अलर्ट, रतनगढ़ तहसील के गांव लोहा की है छात्रा
रतनगढ़, [सुभाष प्रजापत ] क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें तराशने की है। ग्रामीण परिवेश की ऐसी ही एक बालिका ने बुजुर्गों के दर्द को समझा और उन्हें अकेले पैदल चलने में आने वाली समस्या के समाधान के लिए उपाय खोज डाला। छात्रा ने एक ऐसी छड़ी का निर्माण किया है, जो बुजुर्गों के लिए हर मौसम में कारगर साबित होगी। हम बात कर रहे हैं गांव लोहा की बालिका सोनू स्वामी की। सोनू गांव की ही राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। सोनू के पिता पुसाराम स्वामी खेतीबाड़ी कर परिवार का लालन-पालन करते हैं, वहीं बड़ा भाई बाबूलाल लाख की चूड़ियां बनाने का काम करता है। सोनू और उसकी छोटी बहन यशोदा दोनों ही कक्षा आठ में पढ़ती है। स्कूल की सबसे मेधावी छात्रा सोनू हर कार्य में अव्वल आती है और अपने अध्यापकों की भी चहेती है। हाल ही में सरकार के इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत सोनू को एक प्रोजेक्ट बनाना था, जिसमें उसने सोलर पैनल को शामिल करते हुए एक छड़ी का निर्माण किया है। इस छड़ी की विशेष बात यह है कि रात के लिए इसमें एलईडी लाइट है, जो रोशनी करती है। एक ऐसा अलार्म भी इस छड़ी में सैट किया गया है, जिसका बटन दबाने से तेज आवाज होती है। साथ ही बेसहारा पशुओं, रास्ते में रखे पत्थरों, वाहन आदि से बचाव के लिए इस छड़ी में सेंसर लगाया गया है, जो किसी के सामने आने पर स्वयं बजने लग जाता है। इसके अलावा छड़ी में सबसे नीचे के हिस्से में छतरी लगाई गई है, जो बारिश के बचाव में काफी उपयोगी साबित होगी। छात्रा सोनू द्वारा बनाए गए इस गैजेट्स को जिला स्तरीय एक प्रदर्शनी में भी शामिल किया गया है, जिसका परिणाम आना शेष है।
