रतनगढ़। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशन और अणुव्रत समिति रतनगढ़ के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय उद्बोधन सप्ताह का बुधवार को जीवन विज्ञान दिवस के आयोजन के साथ समापन हुआ।
कार्यक्रम महात्मा गांधी राजकीय स्कूल पंडितपुर के महाप्रज्ञ सभागार में मुख्य अतिथि मंजू हीरावत की मौजूदगी में आयोजित किया गया। इस दौरान पान्नादेवी सुराणा, प्रेम हिरावत और मंजूदेवी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचस्थ रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और अणुव्रत गीत के साथ हुई।
छोटे संकल्पों से जीवन में सुधार का संदेश
कार्यक्रम में पान्नादेवी सुराणा ने अणुव्रत आंदोलन के छोटे-छोटे संकल्पों के माध्यम से जीवन में सुधार लाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
वहीं मंजू हीरावत ने गीत की प्रस्तुति देते हुए मानवीय मूल्यों के साथ जीवन जीने का आह्वान किया। हीरावत परिवार की महिलाओं ने भी गीतों की प्रस्तुति दी।
अणुव्रत समिति के संरक्षक मोतीलाल तातेड़ ने सात दिवसीय आयोजन की विशेषताओं पर प्रकाश डाला।
जीवन विज्ञान के अभ्यास की दी जानकारी
अणुव्रत समिति के अध्यक्ष कुलदीप व्यास ने प्रार्थना सभा में किए जाने वाले जीवन विज्ञान के विभिन्न अभ्यासों की जानकारी दी।
उन्होंने महाप्राण ध्वनि, कार्योत्सर्ग और प्रेक्षाध्यान के बारे में बताया तथा इनके अभ्यास से होने वाले लाभों की जानकारी साझा की।
जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के मंत्री तेजपाल गुर्जर ने जीवन विज्ञान को जीने की कला बताया। उन्होंने कहा कि जीवन विज्ञान के प्रयोगों से शरीर के पंच केंद्रों को जागृत किया जा सकता है।
अतिथियों का किया अभिनंदन
स्कूल की कार्यवाहक प्रधानाचार्या अर्चना पौद्दार, वंदना शर्मा, सरोज और मीनाक्षी ने अतिथियों का अभिनंदन किया।
समिति के प्रभात बील ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन ‘स्कूल के प्रांगण में अब व्यापक जीवन विज्ञान हो, शिक्षा का नव अभियान हो’ के उद्घोष के साथ हुआ।
इस अवसर पर युवक संघ पंडितपुर के संरक्षक रामावतार शर्मा, अध्यक्ष विनोद चौमाल, राधेश्याम, प्रवीण कुमार, संजय सहित कई लोग उपस्थित रहे।
