चूरू, शहर की चापटिया तलाई से पानी उठाकर शहर से बाहर छोड़ने के लिए बिछाई गई पाइपलाइन रखरखाव के अभाव में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह हुए लीकेज के कारण पाइपलाइन की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो गए हैं, जबकि बरसात का मौसम भी नजदीक है।
स्थानीय किसानों का आरोप है कि पाइपलाइन में 20 से अधिक स्थानों पर लीकेज हो चुके हैं, जिससे पानी तय खेत तक पहुंचने की बजाय रास्ते में ही बह जाता है।
खेत तक नहीं पहुंच रहा पानी
खेत मालिक राजकुमार बेड़ा ने बताया कि नगर परिषद ने उनके पिता रतनलाल बेड़ा और उनकी सहमति से 38 बीघा जमीन पानी छोड़ने के लिए निर्धारित की थी।
इस परियोजना के तहत एसटीबी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने दो किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइन बिछाई थी, लेकिन वर्तमान में इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है।
बेड़ा का कहना है कि पाइपलाइन में लगातार लीकेज होने से पानी उनके खेत तक नहीं पहुंच पाता। खेत में एक बीघा क्षेत्र में बनाई गई डिग्गी भी उपयोग में नहीं आ पा रही है।
घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप
राजकुमार बेड़ा ने ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परियोजना में 5 केजी गुणवत्ता की पाइपलाइन लगनी चाहिए थी, लेकिन इससे भी कमजोर गुणवत्ता की पाइपें उपयोग में ली गईं।
उन्होंने दावा किया कि अनुबंध के अनुसार ठेकेदार को 5 वर्षों तक रखरखाव करना था, लेकिन कभी भी पाइपलाइन की देखरेख नहीं की गई।
“कई बार फोन करने और शिकायत करने के बावजूद ठेकेदार ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब बरसात का मौसम आने वाला है और पाइपलाइन पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।” — राजकुमार बेड़ा, किसान
लीकेज से रास्ते भी हो रहे प्रभावित
क्षेत्र के किसान जयपाल सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर पानी रिसाव के कारण रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं।
उनका कहना है कि इससे आसपास के ग्रामीणों और किसानों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जनसुनवाई में भी उठ चुका है मामला
स्थानीय लोगों के अनुसार पाइपलाइन की खराब स्थिति को लेकर पिछली जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बरसात से पहले समस्या का समाधान नहीं होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।
विभाग ने नोटिस जारी करने की कही बात
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एईएन विक्रम जोरवाल ने बताया कि विभाग को पाइपलाइन में लीकेज की शिकायत मिली है।
उन्होंने कहा कि संबंधित फर्म रखरखाव के लिए जिम्मेदार है और लापरवाही को लेकर उसे नोटिस जारी किया जाएगा।
“ठेकेदार को लीकेज ठीक कराने के लिए पाबंद किया जाएगा। विभागीय टीम मौके का निरीक्षण कर समस्या के समाधान की कार्रवाई करेगी।” विक्रम जोरवाल, एईएन
बरसात से पहले समाधान की मांग
किसानों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले पाइपलाइन की मरम्मत कराई जाए, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारू रह सके और खेतों तक पानी पहुंच सके।





