Archive notice This article was published on 04 June 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

तारानगर स्थित अपर जिला एवं सेशन न्यायालय (एडीजे) ने वर्ष 2018 के एक चर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों दोषियों को 3-3 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

यह मामला अवैध हथियार रखने और चोरी की संपत्ति अपने कब्जे में रखने से संबंधित था।

2018 में साहवा थाने में दर्ज हुआ था मामला

अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संतोष कुमार मीणा ने साहवा थाना में दर्ज एफआईआर संख्या 16/2018 पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।

अदालत ने हनुमानगढ़ जिले के जगतसिंह उर्फ कालू और बलराम को अवैध हथियार रखने तथा चोरी की संपत्ति अपने कब्जे में रखने का दोषी माना।

जुर्माना नहीं भरने पर बढ़ेगी सजा

न्यायालय ने दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

अदालती आदेश के अनुसार यदि दोषी निर्धारित जुर्माना राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन पक्ष ने पेश किए साक्ष्य

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक पंकज कुमार स्वामी ने पैरवी की।

उन्होंने न्यायालय के समक्ष उपलब्ध साक्ष्य, दस्तावेज और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। न्यायालय ने इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी माना।

कानून की सख्ती का उदाहरण

कानूनी जानकारों के अनुसार यह फैसला अवैध हथियारों और अपराध से जुड़े मामलों में न्यायालय की सख्त दृष्टि को दर्शाता है।

क्षेत्र में भी इस निर्णय की चर्चा बनी हुई है और इसे अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

न्यायालय के फैसले की मुख्य बातें