Archive Notice: This article was originally published on 12 फ़रवरी 2023.
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रामदेव सिंह कुड़ी थे आजाद हिन्द फौज के सिपाही

स्कूल के छात्र कर रहे हैं देश विदेश में नाम रोशन

दांतारामगढ, [लिखा सिंह सैनी ] राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दांता एवं एक नम्बर स्कूल ,एक शताब्दी पहले गंगा सागर धर्मशाला में चलती थी। 95 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक लक्ष्मीनारायण बगड़िया ने बताया की गंगा सागर धर्मशाला में एक शताब्दी पहले मिडिल स्कूल चलता था । निचे के कमरों में एक से पांच तक 6 से 8 तक ऊपर के कमरों में स्कूल चलती थी, उस समय स्कूल में सबसे पुराने मास्टर लादूराम राड़ अमरपुरा वाले थे ।आजादी के पूर्व दांता में दीपाराम पारीक, गंगासहाय नयाबनिया, हनुमान पारीक,कुंदनमल मित्तल, दौलतराम पारीक, भागीरथमल माली, अध्यापक थे। वर्नाकुलम मिडिल स्कूल का निर्माण सन् 1935 में नृसिंहदास, हीरालाल बाईस्या ने करवाया था। धर्मशाला के बाद मिडिल स्कूल वर्नाकुलम में शिफ्ट हो गया ‌था। स्कूल 1951 में सैकेंडरी 1969 में हा.सै.1987 में सीनियर बना था । स्कूल में गांव के भामाशाहों द्वारा छात्र छात्राओं की सुविधा हेतु सभी कार्य करवाये जाते रहे है। दसवीं कक्षा की परीक्षा देने वाले प्रथम बेंच के नौ विद्यार्थीयों सन् 1952 में दांता रियासत की और से ठाकुर मदनसिंह ने नवरत्नों की संज्ञा दी।

आस पास के क्षेत्र में दांता का स्कूल सबसे बड़ा व पुराना है। दूर-दराज से विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते थे। स्कूल में पढ़कर कई विद्यार्थी डाक्टर, इंजीनियर सीए एवं कई उच्च पदों पर पहुंचे रामदेव सिंह कुड़ी आजाद हिन्द फौज के सिपाही थे। सुरजाराम नायक गांव के प्रथम रेलवे कर्मचारी थे, रहमान खां मणियार गांव में विद्युत विभाग में लगने वाले पहले व्यक्ति थे। डॉ ज्ञानचंद जैन गांव के पहले डाक्टर बने। धर्मशाला में पढ़ाने वाले शिक्षक लादूराम के पुत्र आनंदीलाल बने थे जिला शिक्षा अधिकारी ,पद्म श्री सुडाराम वर्मा वैज्ञानिक, लक्ष्मी नारायण राड़ प्रोफेसर सीट्स पिलानी, डॉक्टर खेताराम कुमावत उप महाप्रबंधक ‌ओएनजीसी, कल्याण सिंह शेखावत नेवी में एयरक्राफ्ट इंजिनियर एवं विश्व भ्रमण किया। विवेक सिंह शेखावत डॉ अमेरिका में, डॉ कुलदीप सिंह डोगीवाल एमडी कनाडा में , जीवन सिंह शेखावत तहसीलदार, किशोर कुमार वर्मा आईएस , डॉ भजन लाल संयुक्त आयुक्त परिवहन विभाग, मालसिंह शेखावत एनएसजी कमांडो वीआईपी अंगरक्षक पूर्व प्रधानमंत्री, क्षितिज कुमार जैसे बड़े कलाकार हैं । रामगोपाल बासनीवाल, यादवराम चेजारा व गुलाब बगरानिया के यूएई में एलएलसी कम्पनी हैं।

स्व भैरूदत्त खेतान, हरिनारायण खेतान, राजेंद्र सिंह दांता, बनवारी लाल मित्तल जैसे उद्योगपति और दी ऐसे ही कई नाम है जो देश-विदेश में अपने गांव व स्कूल का नाम रोशन कर रहे हैं। भ्राता मंडल द्वारा बनाया छात्रावास में सन् 1993 तक स्कूल में पढ़ने वाले छात्र रहते थे। बाद में इसे पुलिस चौकी बना दी गई । स्कूल के बच्चों के लिए खेल मैदान की 13 बीघा जमीन मय चार दिवारी निर्माण करवाकर भीवराज, बद्रीनारायण खेतान द्वारा सन् 1961 में प्रदान की गई थी। स्कूल का खेल मैदान सीकर जिले की स्कूलों का सबसे बड़ा मैदान है । इसी खेल मैदान में कबड्डी खेल कर रुघाराम भामू तीन बार राज्य स्तरीय चैम्पियन बने थे एवं बास्केटबॉल खेल कर नरेंद्र सिंह शेखावत नेशनल कोच बने है।‌ स्कूल में मुख्यमंत्री सहभागिता योजना व भामाशाह बनवारी लाल मित्तल एवं ओमप्रकाश पोद्दार , रामेश्वरलाल जलिन्द्रा, मुरारीलाल पोद्दार द्वारा छ कक्षाओं का निर्माण कार्य करवाया जा रहा हैं,साथ ही बीएल मित्तल द्वारा विद्यालय में विशाल दरवाजा बनवाया जा रहा है। दांता के ओर भी भामाशाह सहयोग करें तो बदल सकती है स्कूल की तस्वीर।

]प्रधानाचार्य सुरेश वर्मा व्याख्याता पुरणमल जोरम ने बताया की फर्नीचर सेट के लिए डेढ़ लाख रुपए एकत्रित हुए हैं एवं
दांतारामगढ़ ब्लॉक में विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति विद्यालय भोतिक एवं शेक्षणिक विकास में योगदान के कारण 11 हजार रुपए का चेक एवं प्रशस्ति पत्र विद्यालय को दिया गया।स्कूल का बोर्ड परिणाम हर साल अच्छा रहता है। स्कूल के छात्र, छात्राएं खेल -कुद एवं परिक्षा परिणामों में स्कूल का नाम रोशन कर रहे। वर्तमान में छात्र संख्या 868 है।

दांता में अन्य स्कूलों की स्थापना

राउप्रावि नंबर तीन लादीबाई धर्म पत्नी हीरालाल करोड़ीवाल ने 1959 में बनाया।
राउप्रावि नंबर एक भ्राता मंडल द्वारा 1967 में बनाया गया यह स्कूल 1927 से गांव की गंगा सागर धर्मशाला में वह श्री डगाच्यी धर्मशाला में शुरू हुआ था। रा.आर्दश उप्रावि काबरियाबास 1976 में, राउप्रावि ज्ञानदासपुरा 1984 में राउप्रावि हुक्मा की ढाणी सन् 1985 में बनाया गया।
राजीव गांधी पाठशाला के तोर पर सन् 1999 में तीन प्राथमिक विद्यालय दांता में नोपा की ढाणी, किरो की ढाणी, बगड़ियो की ढाणी में शुरू हुये थे। साठ के दशक में मुरारीलाल खेतान, हरिनारायण खेतान द्वारा राबासीवि.बनाया गया जिसमें वर्तमान में मां.गांधी ॳग्रेजी स्कूल चलता है।

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