Archive Notice: This article was originally published on 16 सितम्बर 2023.
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दांतारामगढ़, [लिखा सिंह सैनी ] बाबू सैनी ने शेखावाटी की दीवारों पर गदर 2 की सफलता को दीवार पर उतारा जिसका विडियो ग़दर 2 के खलनायक मनीष वाधवा ने भी सोशल मीडिया पर शेयर किया। दीवारों पर फिल्मी पोस्टरों को उतारने वाले उदयपुरवाटी निवासी बाबू सैनी बॉलीवुड में कला निर्देशक हैं। कला निर्देशक यानी आर्ट डायरेक्टर। सिनेमा एक आर्ट है। फ़िल्म को सुंदर बनाने में एक अहम योगदान बाबू सैनी सर जैसे कला निर्देशकों का होता है। कला निर्देशक अपनी नज़र, अपने हुनर से फ़िल्म के दृश्यों में तालमेल बनाता है। सेट्स से लेकर लोकेशन तक का चुनाव करना, उन्हें फ़िल्म की कहानी, स्थिति के अनुसार ढालना, कला निर्देशक का काम है। फ़िल्म का विज्ञापन, प्रचार कला निर्देशक के मुख्य कार्य में शुमार होता है। बाबू सर फ़िल्म के, फ़िल्म कलाकारों के पोस्टर बनाने का काम भी करते हैं। बंबई शहर की दीवारों पर बाबू सर की कला देखी जा सकती है। पेंटिंग बाबू सर की अभिव्यक्ति का माध्यम है।

बाबू सैनी 1989 में बंबई पहुंचे और उन्होंने एक कठोर संघर्ष के बाद हिंदी फ़िल्मों में काम हासिल किया। इनमें उनकी सहायता बॉलीवुड के प्रतिष्ठित प्रोडक्शन डिज़ाइनर सुकांत पानीग्राफी ने की। सुकांत की अपनी एक लम्बी यात्रा रही है। उन्होंने बॉलीवुड की कामयाब कला निदेशक शर्मिष्ठा रॉय के साथ काम की शुरुआत की और देखते ही देखते कुछ वक़्त में ख़ुद स्थापित हो गए। उनका गंगाजल, चक दे इंडिया,टशन, हॉलिडे, मर्दानी 2 में सशक्त काम रहा है। बाबू सर सुकांत को अपना सब कुछ मानते हैं और हमेशा शुक्रगुजार रहते हैं। कुछ कुछ होता है, आजा नच ले, दिल बोले हड्डिप्पा, एक था टाइगर, मर्दानी 2 जैसी कई फ़िल्में बाबू सैनी सर के काम से ख़ूबसूरत बनी हैं।

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