School Holiday Update : पहड़ों के बर्फ़बारी से उत्तरभारत में कड़ाके की ठंढ का कहर देखने को मिल रहा है। हरियाणा राजस्थान से लेकर दिल्ली यूपी बिहार तक अब शिमला की तरह बर्फ जमने लगा गई है। बता दे की इसी के चलते कई राज्यों के स्कूलों में अब अवकाश भी बढाए जा रहे है। कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टियाना फिर से बढ़ी है। चलिए जानते है देशभर में स्कूलों की छुट्टियों को लेकर नया अपडेट
राजस्थान में स्कूलों की छुट्टियां
राजस्थान में कड़ाके की ठंढ का कहर जारी है। ऐसे में कई जिलों में 12 जनवरी तक स्कुल बंद रहने वाले है। साथ ही 14 जनवरी को राजस्थान के झालावाड़ और चूरू में स्थानीय अवकाश घोषित किया है।
दिल्ली में 15 जनवरी तक स्कूल बंद
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सभी स्कूल 15 जनवरी तक बंद रहेंगे। इस संबंध में दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह शीतकालीन अवकाश 1 जनवरी से शुरू हुआ था और 2025–26 के शैक्षणिक कैलेंडर का हिस्सा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि जनवरी की शुरुआत में पड़ने वाली भीषण ठंड, घना कोहरा और कम दृश्यता बच्चों के लिए जोखिम भरी हो सकती है, खासकर सुबह के समय।
यूपी में भी बढ़ी छुट्टियां
उत्तर प्रदेश में भी शीतलहर के चलते कई जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। आगरा में सभी स्कूल 12 जनवरी तक बंद रहेंगे। वहीं गौतमबुद्ध नगर में कक्षा 8 तक के स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। पहले ये छुट्टियां 10 जनवरी तक तय थीं, लेकिन मौसम को देखते हुए इन्हें आगे बढ़ा दिया गया।
हरियाणा में 15 जनवरी तक अवकाश
हरियाणा के स्कूल शिक्षा निदेशालय ने साफ किया है कि राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। स्कूलों में नियमित पढ़ाई 16 जनवरी से दोबारा शुरू होगी।
पंजाब में 13 जनवरी तक स्कूल बंद
पंजाब में भी ठंड और घने कोहरे की मार को देखते हुए सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल 13 जनवरी तक बंद रहेंगे। इसके बाद 14 जनवरी से कक्षाएं फिर से शुरू होंगी।
तेलंगाना में संक्रांति की छुट्टियां बढ़ीं
तेलंगाना में कनुमा को वैकल्पिक अवकाश घोषित किए जाने के बाद संक्रांति की छुट्टियों को 16 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। प्रदेश के स्कूल 17 जनवरी, 2026 से दोबारा खुलेंगे। लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। ऐसे में अभिभावकों के लिए भी जरूरी है कि वे स्थानीय प्रशासन और स्कूलों की ओर से जारी निर्देशों पर नजर बनाए रखें।