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कस्बें के डेरिया की ढाणी व गोयन बस्ती के बीच मे भरे गंदे पानी की समस्या अब नासूर बन चुकी है। आसपास के लोगों का बदबू व मच्छरों के कारण रहना दुश्वार हो चला है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस सार्वजनिक जगह का इस्तेमाल कभी महिलाओं के लिए खुले मे शौच के लिए किया जाता था। लेकिन कुछ समय से यह जगह गंदे पानी के भराव के कारण अनुपयोगी पडी थी। इसमे आधी जगह का मेघवाल समाज के सामुदायिक भवन बनाने व आधी जगह दूसरे समाज को देने के लिए सहमति बन चुकी है। सूत्रों के अनुसार मेघवाल समाज के सामुदायिक भवन के लिए प्रक्रिया जारी है। तथा शीघ्र ही सामुदायिक भवन के लिए काम शुरू किया जा रहा है। इसमे सबसें बडी समस्या गंदे पानी का भराव बना हुआ है। स्थानीय निवासी संजय गोयन ने बताया कि गंदें पानी के भराव के कारण पूरा क्षेत्र प्रदुषित हो गया है।
शीघ्र ही इस और ध्यान नही दिया गया तों इस क्षेत्र मे बिमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। वही संजय गर्वा ने बताया कि इस स्थान पर गंदे पानी के बीच बिजली का टां्रसफार्मर लगा हुआ है। जो के बडे हादसे का सबब बन सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस गंदे पानी मे डूबने से कई मवेशी व पशुओं की मौत भी हो चुकी है। गंदे पानी के भराव के पास ही लोगों ने कचरा डालना शुरू कर दिया है। इस स्थान पर घूमनें वाले आवरा पशु पॉलिथिन की थैलिया खाकर काल का ग्रास भी बन रहे है। इस स्थान पर कस्बें के बडे भाग का गंदा पानी आता है। इसके समाधान के लिए गंदे पानी को नाले डालकर काटली नदी की तरफ निकाला जा सकता है। गौरतलब है कि पुराने पोस्ट ऑफिस के पास भी कई वर्ष पूर्व ऐसे हालात बने थे। तब कस्बें के एक प्रवासी भामाशाह व सरकार की योजना के कारण इसका समाधान संभव हुआ था।
