झुंझुनूं में पारा गिरने से रबी फसलों को नुकसान की आशंका
झुंझुनूं,जिले में बढ़ती शीतलहर और पाले की आशंका को देखते हुए किसानों के लिए रबी फसलों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से सतर्क रहने और समय पर आवश्यक उपाय अपनाने की अपील की है।
पाले से कैसे होता है फसलों को नुकसान?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पाले के प्रभाव से पौधों की पत्तियां और फूल झुलसकर झड़ जाते हैं। इससे फलियों और बालियों में दाने नहीं बनते या फिर सिकुड़ जाते हैं।
विशेष रूप से फूल और बालियां आने की अवस्था में पाला पड़ने पर फसलों को सबसे अधिक नुकसान होने की संभावना रहती है।
कृषि विभाग की सलाह
कृषि अनुसंधान अधिकारी (पौध व्याधि) अनुपम महर्षि ने बताया कि
“जब तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाए और फसल फूल-फल अवस्था में हो, तब पाले से बचाव के लिए विशेष उपाय जरूरी हैं।”
पाले से बचाव के उपाय
- 0.1 प्रतिशत गंधक के तेजाब का छिड़काव करें
- 1 लीटर पानी में 1 मिली व्यावसायिक गंधक का तेजाब
- 1000 लीटर पानी में 1 लीटर गंधक मिलाकर एक हेक्टेयर में छिड़काव
- आवश्यकता होने पर 15 दिन के अंतराल पर दोबारा छिड़काव करें
- फसलों में हल्की सिंचाई कर पाले के प्रभाव को कम किया जा सकता है
किसानों से अपील
कृषि विभाग ने झुंझुनूं के किसानों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और समय रहते सुरक्षात्मक उपाय अपनाएं, ताकि रबी फसलों को होने वाले नुकसान से बचा जा सके।