झुंझुनूं स्थित श्री जेजेटी यूनिवर्सिटी में 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, फैकल्टी और विधिक विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि एडीजे महेंद्र सोलंकी ने दी जागरूकता
मुख्य अतिथि एडीजे महेंद्र सोलंकी ने कहा कि देशभर में
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) से लेकर तालुका समिति तक
संविधान और कानून के प्रति नागरिकों को जागरूक करने का कार्य किया जाता है।
उन्होंने कहा कि—
“भारत में लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है,
जब आम नागरिक पहले अपने कर्तव्य समझे और फिर अधिकारों की बात करे।”
सोलंकी ने पिछड़े वर्ग और ज़रूरतमंदों के लिए
निशुल्क विधिक सेवा प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया भी समझाई।
15100 नंबर पर मिलती है कानूनी सलाह
एडीजे ने बताया कि कोई भी व्यक्ति
15100 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर
किसी भी कानूनी समस्या की निशुल्क सलाह प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने बताया कि “न्याय आपके द्वार” कार्यक्रम के माध्यम से
जनहित से जुड़ी समस्याओं का निपटारा लोक अदालत में कराया जा सकता है।
बाल संसद और प्रस्तावना वाचन ने बढ़ाई रुचि
कार्यक्रम में
- प्रस्तावना वाचन
- बाल संसद का आयोजन
जैसी गतिविधियाँ भी हुईं, जहां विद्यार्थियों ने विभिन्न भूमिकाएँ निभाईं।
विद्यार्थियों भागीरथ, पंकज और नोमान ने संविधान पर अपने विचार व्यक्त किए।
डॉ. मधु गुप्ता ने किया अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मधु गुप्ता ने की।
उन्होंने कहा—
“पहले न्याय मिलना कठिन था, लेकिन अब विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल से
न्याय तक पहुंच आसान हो गई है। बच्चों को कानूनी अधिकारों की जानकारी
उनके परिवारों तक भी पहुंचती है, यह सबसे बड़ी जागरूकता है।”
अन्य अतिथियों की उपस्थिति
विशिष्ट अतिथि एडवोकेट धीरज गोयल रहे।
रजिस्ट्रार डॉ. अजीत कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
ला विभाग की प्राचार्य डॉ. विजय माला ने स्वागत उद्बोधन दिया।
कार्यक्रम का संचालन साजिदा ने किया।
इस दौरान—
डॉ. अमन गुप्ता, डॉ. धर्मेंद्र,
डॉ. रामनिवास सोनी, डॉ. नाजिया हुसैन,
डॉ. अनंता शांडिल्या सहित
विश्वविद्यालय स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित थे।