Posted inJhunjhunu News (झुंझुनू समाचार)

Jhunjhunu News: लेखक धर्मपाल गांधी की पुस्तक ‘इन्कलाब’ का विमोचन

Inkalab book launched by author Dharampal Gandhi in Surajgarh

सूरजगढ़ में साहित्यिक आयोजन, ‘इन्कलाब’ का विमोचन

सूरजगढ़ नववर्ष के अवसर पर आदर्श समाज समिति इंडिया के कार्यालय, सूरजगढ़ में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता काजड़ा सरपंच मंजू तंवर ने की, जबकि सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।


स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित पुस्तक ‘इन्कलाब’

इस अवसर पर लेखक धर्मपाल गांधी द्वारा स्वतंत्रता संग्राम पर लिखी गई पुस्तक ‘इन्कलाब’ का विधिवत विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्प अर्पित कर नमन किया गया।


सावित्रीबाई फुले को जयंती पर नमन

कार्यक्रम में सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर
शिक्षा और समाज सेवा में उनके योगदान को याद किया गया।


अतिथियों ने रखे विचार

मुख्य अतिथि विधायक श्रवण कुमार ने लेखक धर्मपाल गांधी को पुस्तक लेखन के लिए बधाई देते हुए कहा—

“देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिवीरों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद रखना आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।”

कार्यक्रम की अध्यक्ष मंजू तंवर ने कहा कि

“वर्तमान दौर में शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को भुलाने का प्रयास हो रहा है, ऐसे में धर्मपाल गांधी की पुस्तकें नई पीढ़ी के लिए जरूरी हैं।”


हुसैनीवाला और जलियांवाला बाग यात्रा का उल्लेख

मंजू तंवर ने हुसैनीवाला राष्ट्रीय शहीद स्मारक और जलियांवाला बाग की यात्रा का अनुभव साझा करते हुए
लोगों से ऐसे ऐतिहासिक स्थलों पर जाकर शहीदों को नमन करने का आह्वान किया।


पांच पुस्तकों पर चर्चा

शिक्षाविद् एवं समाजसेवी मनजीत सिंह तंवर ने लेखक धर्मपाल गांधी द्वारा स्वतंत्रता संग्राम पर लिखी गई
पांच पुस्तकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।


कई गणमान्य अतिथि रहे उपस्थित

कार्यक्रम में
पूर्व प्रधान शेर सिंह नेहरा, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी जय सिंह मान,
पूर्व उपप्रधान रणधीर सिंह बुडानिया,
कांग्रेस प्रदेश सचिव डॉ. मक्खन लाल कुमावत,
विजय मील, मनोहर लाल मोरदिया सहित बड़ी संख्या में
सामाजिक, राजनीतिक व साहित्यिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का संचालन व आभार

कार्यक्रम का सफल संचालन मनजीत सिंह तंवर ने किया।
अंत में लेखक धर्मपाल गांधी ने सभी अतिथियों व उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।