वही छोटी छोटी मूलभूत जन समस्याए, हर बार नतीजा निर्देश तक सिमित: धरातल पर भुगतती रहे जनता
खबर है सरकारी पर हैड लाइन में जमीनी हकीकत है चौथे स्तम्भ की: कारण – मिडिया को है सिमित कवरेज अनुमति जिले की संसद की, क्यों है चौथे स्तम्भ पर पहरा ? जबाब नहीं जिम्मेदारों के पास
झुंझुनूं, जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सड़क, बिजली, पेयजल और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने किसानों को बिजली आपूर्ति सुबह 4 बजे के स्थान पर दिन में करने की मांग रखते हुए कहा कि इससे किसानों को होने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी। वहीं बुहाना पंचायत समिति क्षेत्र में बूंद-बूंद बिजली कनेक्शन जारी नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया।
सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, पेचवर्क करवाने, अतिक्रमण हटाने तथा जल जीवन मिशन के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को पुनः सही करवाने की मांग रखी। साथ ही बिना मानकों के बने स्पीड ब्रेकर हटाने की मांग भी उठाई गई। इस पर जिला प्रमुख ने अधिकारियों को ग्रामीण सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार ने चिड़ावा-सूरजगढ़ मार्ग पर बढ़ते अतिक्रमण और उससे होने वाली दुर्घटना संभावनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने खाद्य सुरक्षा में वितरित होने वाले गेहूं की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग करने की मांग भी रखी।
झुंझुनू विधायक राजेंद्र भांबू ने एमएलए लेड के तहत बन रहे नलकूपों में पानी नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ग्राउंड वाटर विभाग की रिपोर्टों के बावजूद नलकूप सूखे निकल रहे हैं, इसलिए निर्माण कार्य केवल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद ही किया जाए।
नवलगढ़ प्रधान दिनेश सुंडा ने नवलगढ़ में मिनी सचिवालय निर्माण में हो रही देरी पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि नवलगढ़, माडांसी और हवाई पट्टी चौराहे पर सड़क पर जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है। इस पर अधिकारियों ने सूचित किया कि इन स्थानों का सर्वे कर लिया गया है और जल्द कार्य शुरू होंगे।
बैठक में जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकियों से ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग पर जिला कलेक्टर डॉ अरुण गर्ग ने जलदाय विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि जहां कार्य पूर्ण हो चुका है वहां जलापूर्ति शुरू की जाए।
चिड़ावा प्रधान ने पंचायत समिति की दुकानों की जांच तीन माह से लंबित होने का मुद्दा उठाया। बैठक में नरेगा एवं स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। साथ ही जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरी ने सरकारी बैठकों को प्लास्टिक मुक्त करने का प्रस्ताव पास किया।
बैठक में प्रधानों ने जिला प्रमुख को ज्ञापन सौंपा व कहा कि जिस तरह सरपंचों को प्रशासक लगाया गया है उसी प्रकार प्रधानों व पंचायत समिति सदस्यों को भी प्रशासक लगाया जाए ।
बैठक में जिला कलेक्टर डॉ अरुण गर्ग, सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार, झुंझुनू विधायक राजेंद्र भांबू, पिलानी विधायक पीतराम काला, नवलगढ़ प्रधान दिनेश सुंडा, चिड़ावा प्रधान रोहिताश्व धागड़, सूरजगढ़ प्रधान बलवान सिंह, अलसीसर प्रधान घासीराम पूनिया, खेतड़ी प्रधान मनीषा गुर्जर, बुहाना प्रधान हरिकिशन यादव, पिलानी प्रधान बिरमा देवी, सिंघाना प्रधान सरला सैनी, जिला परिषद सीईओ कैलाश चंद्र शर्मा, जिला स्तरीय अधिकारी, ब्लॉक विकास अधिकारी सहित जिला परिषद सदस्य मौजूद रहे ।