327 कैदियों के लिए प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत विशेष स्क्रीनिंग शिविर
झुंझुनूं। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत विशेष समूहों में टीबी रोगियों की पहचान के लिए नियमित शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को जिला कारागृह झुंझुनूं में 327 कैदियों के लिए विशेष हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन से टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया गया।
हैंड-हेल्ड मशीन से जांच का महत्व
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विजयसिंह ने बताया कि हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से संभावित टीबी रोगियों का त्वरित और सुरक्षित स्क्रीनिंग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग के बाद एआई रिपोर्ट के आधार पर सस्पेक्ट कैदियों की बलगम जांच करवाई जाएगी।
“इस मशीन का प्रयोग प्रत्येक ब्लॉक के लिए सात दिनों के लिए किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य केंद्रों में एक्स-रे की सुविधा न होने पर भी संभावित रोगियों की जांच की जा सके।”
डॉ. विजयसिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी
कारागृह प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका
कारागृह अधीक्षक गंगाराम ने कहा कि कैदियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। इस बार हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन की सुविधा मिलने से प्रत्येक कैदी के लिए टीबी स्क्रीनिंग संभव हुई।
शिविर में जिला क्षय निवारण केंद्र के सहायक रेडियोग्राफर राजेश सैनी, एसटीएलएस बबीता कुमारी, एल.ए नरेंद्र कुमार, बीएचएस रविन्द्रसिंह, एएनएम कमलेश आदि ने अपनी सेवाएं दी।
टीबी मुक्त झुंझुनूं की दिशा में कदम
यह स्क्रीनिंग अभियान प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें संभावित रोगियों की समय पर पहचान और इलाज सुनिश्चित करना प्राथमिक लक्ष्य है।