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भगवान परशुराम की जयन्ती स्थानीय चौमालों की कुटिया में पवन पुजारी की अध्यक्षता में ब्राह्मण समाज की ओर से धुमधाम से मनाई गई। संयोजक रामधारी चौमाल ने बताया कि पं. अजय ढण्ड के द्वारा वेदिक मंत्रोचार के साथ विधि विधान से भगवान परशुराम की पूजा अर्चना की गई। सर्वप्रथम दीप प्रज्जवलित किया गया, चित्र पर माल्यार्पण किया गया। सभी के द्वारा सामुहिक रूप से परशुराम चालिसा का पाठ एवं मंगल आरती की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने भगवान परशुराम को परम् योद्धा, पराक्रमी, अस्त्र-शस्त्र के प्रणेता, भगवान विष्णु के छट्टे अवतार बताते हुए इनके चरित्र पर प्रकाश डाला।
