Posted inJhunjhunu News (झुंझुनू समाचार)

झुंझुनूं में स्मार्ट मीटर के खिलाफ किसान महापंचायत, 16 को प्रदर्शन

Farmers protest against smart meters at Jhunjhunu electricity office

बिजली निजीकरण का आरोप, स्मार्ट मीटर योजना तुरंत बंद करने की मांग

झुंझुनूं, बिजली उपभोक्ता स्मार्ट मीटर हटाओ संघर्ष समिति, झुंझुनूं के आह्वान पर सोमवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में किसान और बिजली उपभोक्ता इसमें शामिल हुए।

तीन सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने की अध्यक्षता

महापंचायत की अध्यक्षता कामरेड फूलचंद ढेवा, कामरेड विद्याधर सिंह गिल एवं कामरेड पोकर सिंह झाझड़िया के तीन सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने की।

स्मार्ट मीटर को बताया निजीकरण की साजिश

वक्ताओं ने कहा कि

“स्मार्ट मीटर योजना बिजली के निजीकरण की दिशा में बड़ा कदम है। यह बिजली सुधार कानून 2023 के तहत प्रीपेड मीटर लगाकर उपभोक्ताओं से लूट की योजना है।”

किसानों ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल बंद करने और लगाए गए मीटर हटाने की मांग की।

महापंचायत में पारित हुए अहम प्रस्ताव

महापंचायत की शुरुआत में कामरेड रामचंद्र कुलहरि ने प्रस्ताव रखे, जिन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं—

  • बिजली सुधार विधेयक 2025 वापस लिया जाए
  • घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली
  • स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई तुरंत बंद हो
  • लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाए जाएं
  • कृषि उपभोक्ताओं को फ्लैट रेट से मीटर रेट में बदलने की प्रक्रिया बंद हो
  • बदली गई श्रेणियों को पुनः फ्लैट रेट में शामिल किया जाए
  • 2022-23 की शीतलहर व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजा
  • अरावली पर्वत श्रृंखला को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए
  • यमुना नहर का पानी शीघ्र झुंझुनूं लाया जाए
  • स्मार्ट मीटर विरोध में दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं

मुख्य अभियंता को सौंपा ज्ञापन

महापंचायत के बाद संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपकर वार्ता की।
कार्यवाहक मुख्य अभियंता ने किसानों को सकारात्मक आश्वासन दिया।

16 जनवरी को तहसील स्तर पर प्रदर्शन

संघर्ष समिति ने घोषणा की कि

“यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो 16 जनवरी को जिले की सभी तहसीलों में प्रदर्शन किया जाएगा।”

इन नेताओं ने किया संबोधित

महापंचायत को पूर्व जिला उपप्रमुख कामरेड विद्याधर गिल, कामरेड फूलचंद ढेवा, कामरेड रामचंद्र कुलहरि, कामरेड पोकर सिंह झाझड़िया, कैलाश यादव, कामरेड राजेश बिजारणियां, कामरेड ओमप्रकाश झारोड़ा, एडवोकेट बजरंग लाल, राजेंद्र फौजी, मदन सिंह यादव, सुभाष बुगालिया, सुरेश महला, नरेंद्र गढ़वाल, इमरान बड़गुर्जर सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।

प्रवक्ता

महापंचायत के प्रवक्ता रामचंद्र कुलहरि एवं महीपाल पूनिया रहे।