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कुंभाराम नहर परियोजना का मीठा पानी खेतड़ी वासियों को मिलने लगा है, लेकिन संबंधित कंपनी के एमओयू के अनुसार क्षेत्र के 85 गांव में सर्वे कर हिमालय का मीठा पानी सप्लाई करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन अभी तक क्षेत्र के 26 गांव में ही मीठे पानी की सप्लाई संभव हो पाई है और जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है वैसे-वैसे क्षेत्र में पानी की समस्या बढऩे लगी है। इस बात को लेकर गुरुवार को पंचायत समिति प्रधान मनीषा गुर्जर की अध्यक्षता में उपखंड अधिकारी संजय कुमार वासु ने जलदाय विभाग के अधिकारियों अधिशासी अभियंता बलवंत सिंह गोदारा, राजपाल सिंह, सहायक अभियंता ओपी चाहर, महेंद्र सिंह, योगेंद्र मीणा, कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार शर्मा तथा नहर परियोजना से जुड़ी एलएनटी कंपनी के प्लानिंग इंजीनियर अंकित बंसल की आकस्मिक बैठक बुलाई और अतिसंवेदनशील गांव शिमला, पपुरना, बसई, त्योंदा मैं 10 दिन के अंदर मीठा पानी सप्लाई करने की बात कही। इसी के साथ उपखंड अधिकारी ने प्रोजेक्ट संबंधित जो भी समस्याएं आ रही है उनके बारे में जानकारी और जो गांव बहुत ही क्रिटिकल स्थिति में है जिनमें 8 से 10 दिन में पानी की सप्लाई हो रही है उन को प्राथमिकता से लेते हुए 20 अप्रैल तक पानी की कमी वाले 19 गांव को चिन्हित कर पानी सप्लाई करने की अधिकारियों को डेडलाइन दे डाली। तथा नहर परियोजना से जुड़े बाकी 40 गांव में 30 जून तक पानी सप्लाई करने के दिशा निर्देश दिए गए। इस मौके पर प्रधान मनीषा गुर्जर ने कहा कि कुंभाराम नहर परियोजना का जल अमृत के समान है हर गांव, हर ढ़ाणी, हर कस्बे तक हमारा यही प्रयास रहेगा कि कुंभाराम नहर परियोजना का जल पहुंचे और महिलाओं को सर पर मटकी रखकर ना चलना पड़े उनके घर की नल में मीठा पानी आए।
