झुंझुनूं, जिला मुख्यालय स्थित प्रिंस इंटरनेशनल स्कूल में डाक विभाग के सहयोग से एक प्रेरणादायक पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल युग में पारंपरिक पत्र लेखन कला के महत्व से परिचित कराना और उनकी सृजनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना था।
150 से अधिक छात्रों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग
संस्थान निदेशक निर्मल कालेर ने बताया कि प्रतियोगिता का विषय ‘मेरे जीवन का आदर्श’ रखा गया।
कक्षा 6 से 12 तक के 150+ छात्रों ने अपने आदर्शों के प्रति भावनाओं, अनुभवों और विचारों को हस्तलिखित पत्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। छात्रों के पत्रों में संवेदनशीलता और प्रेरणा दोनों झलकती दिखीं।
विजेताओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा सम्मान
प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इससे बच्चों में न केवल लेखन कौशल बढ़ेगा बल्कि वे भारतीय डाक विभाग की गतिविधियों को भी अच्छी तरह समझ सकेंगे।
“पत्र लिखना संवेदनाओं की सबसे सुंदर भाषा” — चेयरमैन डॉ. जी.एल. कालेर
प्रिंस इंटरनेशनल ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन डॉ. जी.एल. कालेर ने कहा—
“पत्र लिखना संवेदनाओं को व्यक्त करने का एक अनूठा माध्यम है। छात्रों को इस कला को जीवित रखना चाहिए।”
उन्होंने डाक विभाग की नई पहलों की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए बेहद उपयोगी है।
‘ढाई अक्षर’ पत्र लेखन प्रतियोगिता 2025 की जानकारी
भारत डाक विभाग द्वारा आयोजित ‘ढाई अक्षर’ पत्र लेखन प्रतियोगिता 2025 इस वर्ष
8 सितंबर से 8 दिसंबर 2025 तक चलेगी।
प्रतिभागी अपने पत्र—
- हिंदी
- अंग्रेज़ी
- या किसी भी भारतीय भाषा
में भेज सकते हैं।
इस वर्ष की थीम है: “मेरे आदर्श को पत्र”।
कार्यक्रम में रहे सभी अधिकारी उपस्थित
कार्यक्रम के दौरान—
- अकैडमिक डायरेक्टर समीर शर्मा
- प्रिंसिपल डॉ. अनिता पंत शर्मा
- डाक विभाग अधिकारी महेंद्र सैनी, सुनील कुमार, संजय कुमार
सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहे।
यह आयोजन छात्रों के लिए एक ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ।