Posted inJhunjhunu News (झुंझुनू समाचार)

कांग्रेस का मनरेगा बचाओ आंदोलन, अंबेडकर पार्क में सांकेतिक उपवास

Congress MNREGA protest with symbolic fast at Ambedkar Park Jhunjhunu

केंद्र सरकार पर मनरेगा खत्म करने की साजिश का आरोप

झुंझुनूं एआईसीसी के आह्वान और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर झुंझुनूं जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा “मनरेगा बचाओ संग्राम–जनआंदोलन” की शुरुआत कर दी गई है। आंदोलन के पहले दिन अंबेडकर पार्क में एक दिवसीय सांकेतिक उपवास आयोजित किया गया।

उपवास में सांसद बृजेन्द्र ओला, पूर्व मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, मंडावा विधायक व जिलाध्यक्ष रीटा चौधरी, उदयपुरवाटी विधायक भगवानाराम सैनी, पिलानी विधायक पितराम काला, झुंझुनूं उपचुनाव प्रत्याशी अमित ओला सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

“मनरेगा को खत्म करना चाहती है भाजपा” – बृजेन्द्र ओला

सांसद बृजेन्द्र ओला ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने और कामों को सीमित करने के फैसले तानाशाही सोच को दर्शाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया

“भाजपा मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है, जबकि यह योजना गरीब, मजदूर और किसान की जीवनरेखा है।”

कांग्रेस गरीब-मजदूर के साथ – रीटा चौधरी

मंडावा विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष रीटा चौधरी ने कहा

“कांग्रेस हमेशा गरीब, मजबूर, किसान और मजदूर की हितैषी रही है। भाजपा की मनरेगा खत्म करने की साजिश को हम सफल नहीं होने देंगे।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में लागू रखने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता रहे मौजूद

जिला प्रवक्ता एवं ओबीसी कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सैनी ने बताया कि आंदोलन में
पीसीसी प्रवक्ता यशवर्धन सिंह शेखावत, पीसीसी सदस्य सलीम सिगडी, पूर्व प्रधान शेरसिंह नेहरा, पूर्व जिलाध्यक्ष सज्जन मिश्रा, एससी प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हरिसिंह सांखला, युवा कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव अविनाश महला, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शकुंतला यादव, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राहुल जाखड़ सहित जिला, ब्लॉक, मंडल और नगर स्तर के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

इसके अलावा सरपंच, पार्षद, ब्लॉक अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और सामाजिक प्रतिनिधि भी आंदोलन में मौजूद रहे, जिससे अंबेडकर पार्क में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला।

आगे और तेज होगा आंदोलन

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा विरोधी फैसले वापस नहीं लिए, तो यह आंदोलन जिले से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक और तेज किया जाएगा।