Archive Notice: This article was originally published on 31 मार्च 2018.
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 जिले के मलसीसर कस्बे के पास बना राजस्थान की कुंभाराम आर्य लिफ्ट परियोजना का डेम शनिवार दोपहर को टूट गया । जिसके कारण करोड़ों लीटर पानी बर्बाद हो गया। वहीं डेम टूट जाने से प्रोजेक्ट भी पानी में डूब गया है। डेम के एक किलोमीटर दूर ही मलसीसर कस्बा है। डेम का पानी मलसीसर कस्बे में भी भरने से लोगों में हडकम्प मचा हुआ है। मलसीसर कस्बे के पास कुंभाराम आर्य लिफ्ट परियोजना के पानी स्टोरेज डेम, पम्प हाउस, क्लोरिंग हाउस आदि बने हुए हैं। शनिवार दोपहर करीब एक बजे बड़े वाले डेम में नौ मीटर पानी भरा हुआ था। डेम के ऊपर का पुल अचानक टूट जाने के कारण पानी बाहर आ गया और बेकाबू हो गया। पूरा पानी पम्प हाउस व क्लोरिंग हाउस आदि की मशीनरी में घुस गया, जिससे प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है। झुंझुनूं शहर को हो रही थी जलापूर्ति कुंभाराम लिफ्ट परियोजना के पहले चरण में पिछले तीन माह से झुंझुनू  शहर को जलापूर्ति होने लगी थी। एक-दो दिन में मलसीसर कस्बे को इससे पानी दिया जाना था, मगर डेम टूट जाने के कारण अब इस प्रोजेक्ट के तहत तय समय पर पानी मुश्किल ही मिल पाएगा। परियोजना के तहत मलसीसर, खेतड़ी, झुंझुनूं सीकर शहर समेत 1473 गांवों को पानी दिया जाना है। 15 लाख क्यूबिक लीटर पानी की है क्षमता इस परियोजना का शुभारंभ अगस्त 2013 में हुआ था। 30 जुलाई 2016 तक कार्य पूर्ण होना था। परियोजना का कुल बजट 588 करोड़ रुपए था। यहां बने 11 मीटर गहरे रिजरवायर टैंक की क्षमता 15 लाख क्यूबिक लीटर पानी की है। मलसीसर-बिसाऊ मार्ग पर दोनों तरफ 41 हैक्टेयर व 100 हैक्टेयर भूमि पर बनाये गये दो डेम में पानी पूरी तरह भर जाने के बाद कुछ समय के लिए तारानगर हैड कैनाल से यदि पानी की आपूर्ति बंद भी हो जाए तो यहां बने दोनो डेम में स्टोर पानी से कई दिनों तक लोगों की प्यास बुझाई जा सकती है। झटावा रोड पर बने रिजरवायर का क्षेत्रफल 1.5 लाख वर्ग मीटर है। इसमें 15 लाख क्यूबिक लीटर पानी का स्टोरेज रहना था।
तहसील परिसर डूबा पानी में जानकारी के अनुसार डैम टूट जाने के कारण मलसीसर का तहसील परिसर पानी में डूब गया। जिसमें वहां पर मौजुद कुछ कर्मचारी अंदर ही रह गये है जिन्हें बाहर निकालने के प्रयास किये जा रहे है। तहसील परिसर में सात-आठ फीट तक पानी एकत्रित हो गया है। लोगों ने ली छतों पर शरण जानकारी के अनुसार मलसीसर कस्बे के लगभग सैकड़ों घरों में पानी सात-आठ फीट तक आ गया जिसके कारण घरों के लोगों को छतों पर शरण लेने में मजबुर होना पड़ रहा है। वहीं कईयों के पानी के अंदर रहने की भी सूचना है जिन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। खेतों में पहुंचा पानी डेम टूट जाने के कारण आस-पास के खेतों में भी पानी भर गया। खेतों में तो 10-10 फीट तक पानी भर गया है। फिल्टर प्लांट के सहारे से हुआ लीकेज डेम के अंदर फिल्टर प्लांट लगा हुआ था जिसके सहारे से लीकेज होकर पानी निकलने लगा। देखते ही देखते पूरा डेम टूट गया और पानी डेम के बाहर निकलकर आस-पास के खेतों और मलसीसर कस्बे में आ गया। जिसके कारण लोगों के घर व खेत जलमग्र हो गए। बिजली आपूर्ति बंद डेम टूट जाने के कारण 132 जीएसएस व 133 जीएसएस की दीवारें टूट गयी। वहीं बिजली विभाग में पानी भर जाने के कारण मलसीसर कस्बे के विद्युत आपूर्ति बंद हो गयी है। वहीं सूत्रों की माने तो अगले 2-3 तीन तक विद्युत आपूर्ति प्रभावित रह सकती है। राजगढ़-हिसार रोड़ का टूटा कनेक्शन डेम टूट जाने के कारण झुंझुनूं से राजगढ़ व हिसार रोड़ का कनेक्शन टूट गया है। जिससे वहां आने-जाने वाले राहगिरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी भर जाने के कारण सडक़ के भी क्षतिग्रस्त होने का अंदेशा जताया जा रहा है। वहीं इस रोड़ पर वाहनों का आवागमन भी बंद कर दिया गया है। ये रहे मौजुद डेम टूटने की सूचना पर सांसद संतोष अहलावत, जिला कलेक्टर दिनेश यादव, पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल, मलसीसर तहसीलदार जीतूसिंह मीणा, मलसीसर थानाधिकारी पन्नालाल गुर्जर आदि मौके पर पहुंच गये हैं।

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