मुस्लिम युवक ने विवेकानंद को बनाया जीवन मिशन, गांव-ढाणियों तक पहुंचाया संदेश
शांत ढाणियों से निकला प्रेरणा का उजाला
झुंझुनूं जिले की शांत ढाणियों के बीच बसे भीमसर गांव से निकलकर डॉ. जुल्फिकार आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा का नाम बन चुके हैं। स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रभावित इस अल्पसंख्यक युवा शोधकर्ता ने यह साबित कर दिया कि महापुरुषों के विचार किसी एक धर्म की सीमा में नहीं बंधते।
विवेकानंद पर पीएचडी और पांच पुस्तकें
डॉ. जुल्फिकार ने स्वामी विवेकानंद पर पीएचडी की और अब तक विवेकानंद के जीवन, दर्शन और रामकृष्ण मिशन पर पांच महत्वपूर्ण पुस्तकें लिख चुके हैं। उनका जीवन लक्ष्य विवेकानंद के संदेश को गांव-ढाणी, स्कूल-कॉलेज और मदरसों तक पहुंचाना है।
तीन विश्व रिकॉर्ड से रचा इतिहास
डॉ. जुल्फिकार विवेकानंद केंद्रित कार्यों के लिए तीन अलग-अलग विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले देश के पहले मुस्लिम शोधकर्ता बने
London Book of World Record
भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और सिंगापुर के रामकृष्ण मठ-मिशन पर शोध करने वाले पहले भारतीय मुस्लिम युवा।
USA Book of World Record
प्रदेशभर में 60,000 विवेकानंद कैलेंडर नि:शुल्क वितरण और 10,000 विद्यार्थियों की प्रतियोगिता आयोजन।
India Book of World Record
देश के 50 से अधिक रामकृष्ण मठों के भ्रमण और 32 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों के आयोजन।
एक लाख युवाओं तक विवेकानंद का संदेश
पिछले 6 वर्षों से राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) पर डॉ. जुल्फिकार का संकल्प है
एक लाख युवाओं तक विवेकानंद का संदेश पहुंचाना
अब तक:
- 60,000 से अधिक कैलेंडर
- झुंझुनूं, सीकर, चूरू, जयपुर, अलवर, हनुमानगढ़ सहित कई जिलों में वितरण
- राजकीय-गैर राजकीय विद्यालय, मदरसे, वेद विद्यालय, कॉलेज और विश्वविद्यालय शामिल
भीमसर, नुआं, सिरियासर, आबूसर, अलसीसर, मलसीसर, टमकोर सहित 35 से अधिक गांवों में वे स्वयं युवाओं से संवाद करते हैं।
किताबें हाथ में, जुबान पर प्रेरणा
डॉ. जुल्फिकार कहते हैं
“विवेकानंद ने शक्ति, सेवा और आत्मविश्वास की जो त्रिवेणी दी, वह हर धर्म के लिए समान है।”
इसी भावना से उन्होंने विवेकानंद कैलेंडर अभियान शुरू किया ताकि हर सुबह युवा एक विचार पढ़ें और आत्मबल महसूस करें।
बचपन से रामकृष्ण मिशन से जुड़ाव
डॉ. जुल्फिकार के पिता खेतड़ी स्थित एचसीएल में कार्यरत थे। स्कूली जीवन से ही वे रामकृष्ण मिशन से जुड़े रहे। पीएचडी के दौरान उन्होंने बेलूर मठ सहित 50 से अधिक मठों का भ्रमण किया और सिंगापुर, श्रीलंका व बांग्लादेश में रहकर गहन अध्ययन किया।
विवेकानंद पर लिखी प्रमुख पुस्तकें
- रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मिशन
- स्वामी विवेकानंद चिंतन एवं रामकृष्ण मिशन खेतड़ी
- राजस्थान में स्वामी विवेकानंद
- रामकृष्ण मिशन बांग्लादेश (ढाका) का अध्ययन
- स्वामी विवेकानंद की कुछ प्रेरक घटनाएँ
2026 में 10,000 नए कैलेंडर वितरण
स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती (12 जनवरी 2026) पर इस वर्ष राजस्थान में 10,000 नए विवेकानंद कैलेंडर-2026 नि:शुल्क वितरित किए जाएंगे। यह कैलेंडर युवाओं को अपनी शक्ति पहचानने और राष्ट्रनिर्माण में योगदान के लिए प्रेरित करेगा।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर होगा सम्मान
भीमसर निवासी डॉ. जुल्फिकार को राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह में “विवेकानंद आइकन अवार्ड” से सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान विवेकानंद समाज कल्याण समिति राजस्थान द्वारा दिया जाएगा।
डॉ. जुल्फिकार ने बताया कि इस अवसर पर देशभर की 28 प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।