झुंझुनूं। श्री जे.जे.टी. विश्वविद्यालय में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग द्वारा 8वां राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में छात्रों, फैकल्टी और विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य, प्राकृतिक चिकित्सा और जीवनशैली पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्य अतिथियों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. रमेश कस्वां और विशिष्ट अतिथि डॉ. रविंद्र सिंह शेखावत उपस्थित रहे।
दोनों ने
- पंच महाभूत सिद्धांत,
- पथ्य–अपथ्य,
- आहार–विहार
जैसे प्राकृतिक चिकित्सा के मूल सिद्धांतों पर विस्तार से व्याख्यान दिया।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और जीवन अधिक संतुलित बनता है।
छात्रों ने लिया प्रकृति के साथ जीने का संकल्प
प्रकृति महोत्सव के उपलक्ष्य में छात्रों ने संकल्प लिया कि वे
- प्रकृति के साथ जीवन व्यतीत करेंगे,
- प्राकृतिक आहार एवं जीवनशैली अपनाएंगे,
- और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन की उपस्थिति
कार्यक्रम में
- कुलपति डॉ. मधु गुप्ता,
- कुलसचिव डॉ. अजित कुमार,
- आयुष इंचार्ज डॉ. उज्ज्वल
ने प्राकृतिक चिकित्सा की महत्ता पर अपने विचार साझा किए।
इन अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक समय में योग, आहार और नैचुरोपैथी जीवन को तनावमुक्त और स्वस्थ बनाते हैं।
विभागों की सक्रिय भागीदारी
समारोह में योग विभाग के डॉ. संजय,
फिजियोथेरेपी विभाग के डॉ. वशीम,
बी.एन.वाई.एस. से डॉ. अनूप,
डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. सरिता,
डॉ. नवीन, उमेश कुमार,
मंजरी मिश्रा, डॉ. दिनेश सहित
कई विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रिचा मठान ने किया।